अशोक कुमार गुप्ता /रवि गुप्ता
गोंडा ब्यूरो रिपोर्ट। देवीपाटन मंडल गोंडा के विकासखंड वजीरगंज के सीमा क्षेत्र अंतर्गत देश विदेश मैं पर्यटन स्थल के नाम पर जाना जाने वाला अरगा पर्वती पक्षी विहार पर देसी और विदेश से आने वाली पक्षियों के पहचान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य नवाबगंज राहुल सिंह ने उपस्थित छात्रों से पक्षियों के बचाव और मानव समाज के लिए इनकी आवश्यक जानकारी दिया।वही डीएफओ वन्य जीव सोहेलवा जंगल बलरामपुर एमबी सिंह ने पक्षियों के पहचान पर बच्चों और छात्रों को जानकारी देकर पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सभी से अपील किया,कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत कोठा प्रधान जगदंबा सिंह ने मुख्य अतिथि व डीएफओ सोहेलवा वन्य जीव का गुलदस्ता भेटकर स्वागत किया।और वन विभाग के कर्मचारियों ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मौके पर यूपी सिंह मनकापुर और प्रधान जगदंबा सिंह एसडीओ एमबी सिंह डीएफओ वन्य जीव सोहेलवा व शैल सिंह स्मारक इंटर कॉलेज की छात्र व छात्राएँ व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अयोध्या
उत्तर प्रदेश
एक्सक्लूसिव
कर्नाटक
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गोण्डा
गोवा
जम्मू एवं कश्मीर
तमिलनाडु
तेलंगाना
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
मिज़ोरम
मेघालय
लखनऊ
वजीरगंज
वॉयरल न्यूज़
सुल्तानपुर
हिमाचल प्रदेश
देश विदेश मैं अपनी पहचान बनाने वाला पर्यटन स्थल अरंगा पक्षी विहार पर विदेश से आने वाले पक्षियों के पहचान की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई
Related Post
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
कृषि
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
झारखंड
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सिक्किम
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कर्नाटक
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मणिपुर
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
मिज़ोरम
मेघालय
राजनीति
राजस्थान
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
