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Ashcharychakit live tv news

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नवाबगंज नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज मे कलावा–तिलक विवाद: शिक्षकों की सख्त रोक से छात्राओं में आक्रोश, नगरपालिका अध्यक्ष एवं प्रबंधक डॉ. सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि विवाद की सत्यता की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने पुलिस तैनात करने और अवैध ई-रिक्शा खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसादिया,छात्राओंऔरअभिभावकों

ByPradeepkumargupta

Sep 13, 2025


प्रदीप कुमार गुप्ता/ अशोक कुमार गुप्ता                     देवीपाटन मंडल गोण्डा कार्यालय                                     ब्यूरो की खास रिपोर्ट —-                                           नवाबगंज नगर पालिका क्षेत्र का लगभग 60 वर्षों पुराना बालिकाओं का नवाबगंज कन्या इंटर कॉलेज में कलावा और तिलक को लेकर विवाद ने छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी फैला दी है। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षिका मीनाक्षी श्रीवास्तव और योग शिक्षक श्रेष ने उन्हें धार्मिक प्रतीक पहनने और तिलक लगाने से रोकने की कोशिश की। यह मामला सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सअप ग्रुपों में तेजी से वायरल हुआ।विद्यालय के कर्मचारी दावा करते हैं कि केवल अत्यधिक सज-धज और ब्रेसलेट पर रोक है, लेकिन छात्राओं का कहना है कि शिक्षकों ने धार्मिक प्रतीकों पर भी अनुचित रोक लगाई। इस वजह से छात्राओं और अभिभावकों में प्रशासन और शिक्षक दोनों के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। इस संबंध में ashcharychakit live TV news ke टीम द्वारा प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ता के दौरान प्रधानाचार्या सीमा दूबे ने बताया कि यह कस्बे का एकमात्र कन्या इंटर कॉलेज है, जिसमें लगभग 3000 छात्राएं पढ़ती हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण शिक्षक छात्राओं पर अनुचित दबाव डाल सकते हैं। 20 प्राइवेट शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा-दीक्षा का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों शिक्षक छुट्टी पर हैं और मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों से बातचीत के माध्यम से की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छुट्टी के समय विद्यालय के बाहर अवैध ई-रिक्शा खड़े रहते हैं, जिससे भारी जाम और अव्यवस्था पैदा होती है। कई बार ई-रिक्शा चालकों को मना किया गया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया और जाम लगातार बना रहा। छात्राओं का कहना है कि छुट्टी के समय कई मनचले उनके पीछे फब्तियां कसते हैं, जिससे उनका डर और असुरक्षा का माहौल बढ़ता है।सोशल मीडिया पर विवाद वायरल होते ही लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि शिक्षकों का व्यवहार अनुचित और असंवेदनशील है, तो कुछ ने प्रशासन की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कमी पर सवाल उठाए हैं व्हाट्सअप ग्रुपों में छात्राओं की सुरक्षा औरविद्यालयकीव्यवस्थाओं पर तीखी बहस चल रही है। वही जब इस संबंध में वार्ता की गई तो नगरपालिका अध्यक्ष एवं प्रबंधक डॉ. सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि विवाद की सत्यता की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने पुलिस तैनात करने और अवैध ई-रिक्शा खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसादिया,छात्राओंऔरअभिभावकों       का कहना है कि शिक्षकों द्वारा धार्मिक प्रतीक पर रोक लगाने की घटना शिक्षण संस्थानों में अनुचित हस्तक्षेप का संकेत देती है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।सवाल यह है कि क्या स्कूल प्रशासन और शिक्षक छात्राओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रख पाएंगे, या यह विवाद और बढ़ेगा।


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
सनातनी ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ 15वां सामूहिक सुंदरकांड का पाठ – अनंत चतुर्दशी के पावन दिवस पर लखनऊ की तीन सौ महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड का पाठ- सुंदकांड के माध्यम से सुंदर समाज की कामना की गई- सभी सनातनी महिलाएं इस अनुष्ठान में पीतवर्णी साड़ी में शामिल हुईं
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