प्रदीप कुमार गुप्ता देवीपाटन मंडल गोण्डा। ब्यूरो प्रमुख की रिपोर्ट गोण्डा जनपद मुख्यालय से लेकर 16 ब्लॉकों में अवैध व फर्जी नर्सिंग होम, हॉस्पिटल, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब एवं झोलाछाप डॉक्टर और मेडिकल स्टोर पर प्रेक्टिस करने वाले अवैध रूप से संचालित प्राइवेट प्रैक्टिशनर पर उत्तर प्रदेश सरकार की मुखिया योगी आदित्यनाथ कचरा हंटर एक कानून के दायरे में लाने के लिए सरकार ने नर्सिंग होम एक्ट बनाया है, लेकिन जनपद में स्थिति यह है कि जिस स्वास्थ्य विभाग के कंधे पर इस एक्ट का पालन कराने की जिम्मेदारी है, वही लापरवाही बरत रहा है। अवैध वसूली का जरिया भी बना हुआ है जनपद के तहसील क्षेत्र अंतर्गत कर्नलगंज में सीएचसी की नाक के नीचे दर्जन भर से अधिक अवैध पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हो रहे हैं। वजीरगंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक द्वारा क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टर पैथोलॉजी संचालक ऑन और मेडिकल स्टोर की आड़ में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले गरीबों का खून चूस कर इन अधिकारियों को मोटी रकम दी जा रही है जिसके आने में उनका धंधा फल फूल रहा है, यह सिलसिला यहीं नहीं था वहां यहां पर तैनात आशा बहू सभी कर्मचारी महिला नर्सों द्वारा खुलेआम मरीजों का शोषण किया जा रहा है, कुछ आसा बहू तो ऐसी है, जो जनपद के नवाबगंज वजीरगंज मनकापुर जनपद मुख्यालय जैसे विभिन्न नर्सिंग होम से अपने क्षेत्र की महिलाओं का डिलीवरी के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी न करने की बजाय प्राइवेट नर्सिंग होम में ले जाकर उनकी डिलीवरी करवाती हैं वहां उनका अच्छा खासा कमीशन फिक्स रहता है, नवाबगंज मनकापुर, भ्रष्टाचार का यह आलम है कि यहां के सामुदायिक से स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों द्वारा अवैध रूप से कमाई का जरिया बन चुका है, जिसमें जनपद मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर दी जाती है मोटी रकम जिससे उनका धंधा फलता फूलता रहे,नर्सिंग होम एक्ट बेमानी, जिले का स्वास्थ्य महकमा कर रहा मनमानीऔर धानेपुर में भी यही हाल है। एक अनुमान के मुताबिक कर्नलगंज, बेलसर, परसपुर, कटरा बाजार, तरबगंज, नवाबगंज व मनकापुर में कुछ ही लोगों का लाइसेंस जारी हो सका है। बाकी नर्सिंग होम एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर एक्ट का उल्लंघन होने पर भी पैथोलॉजी जांच केन्द्र पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? क्या अधिकारियों की मिलीभगत है याफिर कोई और कारण है? यह स्थिति पूरे जिले की है, जो बगैर रजिस्ट्रेशन कराए ही धड़ल्ले से पैथोलॉजी सेंटर चला रहे हैं, क्योंकि किसी को कार्रवाई का भय नहीं है। कर्नलगंज में तो पैथोलॉजी सेंटर की भरमार है। मुख्य सड़क से लेकर तंग गलियों तक में पैथोलॉजी सेंटर संचालित हैं। इन पैथोलॉजी सेंटर्स पर टेक्निशियन और डॉक्टरों के नाम के बड़े-बड़ेबोर्ड भी लगे हैं, लेकिन बेहतर जांच करने का दावा करने वाले इन पैथोलॉजी सेंटर्स की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का इलाज आगे बढ़ाना खतरनाक साबित हो सकता है। हकीकत में जहां-तहां चल रहे इन पैथोलॉजी सेंटर्स की जांच रिपोर्ट गलत साबित होती है। खुद कई डॉक्टर्स मरीजों द्वारा कराई जाने वाली पैथोलॉजी संबंधी जांच रिपोर्ट से असमंजस में पड़ जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि धड़ल्ले से आंखों में धूल झोंक रहे इन पैथोलॉजी सेंटर्स का सच सबको पता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा आंखें बंद कर चुप्पी साधे हुए है।चिराग तले अंधेरा दूरदराज की बातें तो दूर, यहां तो स्वास्थ्य महकमे की नाक के नीचे ही अवैध रूप से दर्जनों की तादाद में पैथालॉजी सेंटर संचालित किए जा रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद किए हुए हैं। इंतिहा तो यह है कि जिला अस्पताल के आसपास ही दर्जनों अवैध पैथालॉजी सेंटर चल रहे हैं। इसके साथ ही शहर भर में चप्पे-चप्पे पर नियम-कानून को दरकिनार कर अवैध पैथालॉजी सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जिन पर नकेल नहीं लगाया जा रहा है। यही वजह है कि ये पैथालॉजी संचालक खुलेआम जांचों के नाम पर गरीबों को लूट रहे हैं।अवैध पैथालॉजी सेंटरों पर की जाएगी कार्रवाई पैथोलॉजी सेंटर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का सच छुपा नहीं है। ज्यादातर पैथोलॉजी सेंटर पर बिना टेक्निशियन के ही जांच की जाती है। जांच करने वाले चिकित्सीय उपकरण की स्थिति भी हैरान कर देने वाली है। पैथोलॉजी सेंटर की आड़ में जांच के नाम पर मरीजों से पैसा वसूलने का खेल स्वास्थ्य महकमे की चुप्पी के कारण फलफूल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अवैध रूप से चल रहे पैथोलॉजी सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह सिलसिला यहीं नहीं थम था, वजीरगंज कस्बे में संचालित अल्ट्रासाउंड संचालक और पैथोलॉजी सेंटरों से इन डॉक्टरों को मरीजों द्वारा कराए गए जांच में अच्छा खासा कमिशन के रूप में मोटी रकम दी जा रही है, इस क्षेत्र में कुछ एनम ऐसी हैं प्राइवेट प्रैक्टिस के नाम पर अपनी दुकान चल रही है,
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नर्सिंग होम, हॉस्पिटल, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब एवं झोलाछाप डॉक्टर और मेडिकल स्टोर पर प्रेक्टिस करने वाले अवैध रूप से संचालित प्राइवेट प्रैक्टिशनर पर उत्तर प्रदेशकी मुखिया योगी आदित्यनाथ का चलेगा हंटर ,एक कानून के दायरे में लाने के लिए सरकार ने नर्सिंग होम एक्ट बनाया है, लेकिन जनपद गोण्डा मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात अधीक्षकों योगी सरकार का कोई डर नजर नहीं आ रहा,तैनात स्वास्थ्य कर्मी अवैध मोटी रकम वसूली की आड़ में सारे नियम कानून की उड़ा रहे,धज्जियां और कर रहे हैं, जिसके चलते हो रहा है, गरीबों मजलूमों का शोषण
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चाचा ने उजाड़ी भतीजी के मांग का सिंदूर, प्रेम विवाह करना पड़ा युवक को महंगा, पुरानी रंजिश खूनी वारदात में बदल गई। शनिवार देर रात 35 वर्षीय आजाद सिंह का शव सड़क किनारे मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, युवक के गले और पेट पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चार टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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