प्रदीप कुमार गुप्ता (editor in chief ) रूबी सोनी (district head ) अयोध्या धाम फैज़ाबाद कार्यालय ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट
अयोध्या में चैत्र माह प्रभु श्री राम जन्मोत्सव समारोह रामनवमी पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ेंगी। इससे पहले, सुबह रामलला की आरती गई। भगवान को पीतांबर वस्त्र पहनाए गए।गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। 10 हजार मंदिरों में रामनवमी मनाई जा रही है। 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। अभी हर दिन औसतन 70 हजार श्रद्धालु दर्शन करते हैं।राम नवमी पर आम दिनों के मुकाबले भक्त 3 घंटे ज्यादा रामलला के दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन करेंगे। पहले सुबह 6:30 से रात 9:30 तक दर्शन होते थे।रामलला के जन्म के बाद उन्हें 56 तरह के व्यंजन का भोग लगेगा। इसमें फलाहार, कुटू और सिंघाड़े के आटे के साथ धनिया और राम दाना की पंजीरी से भोग लगाया जाएगा। यह करीब 10 क्विंटल होगा, जो बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा।सूर्य तिलक से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद तक वीआईपी एंट्री पर रोक रहेगी। जन्म के समय 14 विशेष पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे। इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा, इसके लिए राम मंदिर में 6 कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर जाने वाले सभी रास्तों पर रेड कारपेट बिछाए गए हैं।पहली बार 2024 में रामलला का सूर्यतिलक हुआ था। बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने 24 मार्च (मंगलवार) को राम मंदिर में लगाए गए उपकरणों का परीक्षण किया था। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया था कि उपकरणों के सहारे सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी। इसे 4 मिनट तक देखा जा सकेगा।
