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Ashcharychakit live tv news

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वाह रे अफसरशाही !जनता रोती रही और सिस्टम “निस्तारित” लिखकर सोता रहा। लेकिन इस बार जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी का बड़ा एक्शन अधिकारियों का आराम हुआ हराम 23 अधिकारियों पर गिरी गाज, फाइलों में दबी शिकायतों ने खोल दी सिस्टम की पोल ने साफ बता दिया कि आईजीआरएस कोई मजाक नहीं है। जनता की शिकायतें सरकारी कूड़ेदान में फेंकने के लिए नहीं होतीं। यही वजह है कि मिल्कीपुर एसडीएम से लेकर बीडीओ, बीईओ, सीडीपीओ, तहसीलदार और कई विभागों के अफसरों का वेतन रोक दिया गया।

ByPradeepkumargupta

May 10, 2026


      प्रदीप कुमार गुप्ता (editor in chief )                                    नेहा सिंह राजपूत district head Ayodhya                                              अयोध्या धाम फैज़ाबाद कार्यालय                                                    ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट                      (मिल्कीपुर तहसील उप जिला अधिकारी कार्यालय)        जिलाधिकारी ने वेतन रोका तो अफसरों को याद आया कि जनता भी कोई चीज होती है!अयोध्या में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज, फाइलों में दबी शिकायतों ने खोल दी सिस्टम की पोल अयोध्या महानगर प्रभु श्री राम की नगरी मैं जनता महीनों से आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कर रही थी। उधर कई                                   (उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर )                अफसर शायद यह मानकर बैठे थे कि सरकार की योजनाएं सिर्फ पोर्टल लॉन्च करने तक सीमित हैं, पालन करना जरूरी नहीं। लेकिन इस बार जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की कलम चली तो पूरे सिस्टम का आराम हराम हो गया।23 अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया। कारण ?जनता शिकायत करती रही और साहब लोग शायद यह समझते रहे कि शिकायतकर्ता कोई इंसान नहीं, कंप्यूटर स्क्रीन पर चमकता एक नंबर है।गुस्ताखी माफ सरकार कुछ अफसरों का रवैया ऐसा हो गया था मानो शासन नहीं, वही खुद सरकार हों।फोन नहीं उठाना फरियादी से संपर्क न करना और फाइल में ऐसा निस्तारण चिपका देना कि शिकायतकर्ता 100 प्रतिशत असंतुष्ट!वाह रे अफसरशाही!जनता रोती रही और सिस्टम “निस्तारित” लिखकर सोता रहा। लेकिन इस बार जिलाधिकारी अयोध्या ने साफ बता दिया कि आईजीआरएस कोई मजाक नहीं है। जनता की शिकायतें सरकारी कूड़ेदान में फेंकने के लिए नहीं होतीं। यही वजह है कि मिल्कीपुर एसडीएम से लेकर बीडीओ, बीईओ, सीडीपीओ, तहसीलदार और कई विभागों के अफसरों का वेतन रोक दिया गया। अब मजेदार दृश्य यह है कि जिन दफ्तरों में फरियादी घंटों कुर्सी खोजते थे, वहां अचानक फाइलें तेजी से दौड़ने लगी हैं। कुछ अधिकारियों को तो शायद पहली बार पता चला होगा कि शिकायतकर्ता से बात भी करनी पड़ती है! जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि कुर्सी जनता की सेवा के लिए है, सरकारी अहंकार दिखाने के लिए नहीं। गुस्ताखी माफ सरकार…अगर हर जिले में इसी तरह जवाबदेही तय होने लगे, तो शायद जनता को यह महसूस होने लगे कि सरकार सिर्फ विज्ञापनों में नहीं, जमीन पर भी मौजूद है।


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
सनातनी ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ 15वां सामूहिक सुंदरकांड का पाठ – अनंत चतुर्दशी के पावन दिवस पर लखनऊ की तीन सौ महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड का पाठ- सुंदकांड के माध्यम से सुंदर समाज की कामना की गई- सभी सनातनी महिलाएं इस अनुष्ठान में पीतवर्णी साड़ी में शामिल हुईं
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