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सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश अब नहीं कर सकते वकालत और पत्रकारिता एक साथ.. जस्टिसअभय यस ओका

ByPradeepkumargupta

Oct 23, 2024
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आश्चर्यचकित न्यूज़

लखनऊ / नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि एक वकील वकालत के पेशे में रहते हुए पत्रकारिता जैसे पेशे की दोहरी भूमिका कैसे निभा सकता है, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक दोहरी भूमिका निभाना प्रतिबंधित है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दो टूक लहजे में कहा कि किसी भी वकील को डबल रोल निभाने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने वकील के डबल रोल पर सवाल उठाए थे और इसे व्यावसायिक कदाचार बताया था। आज फिर जब उस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस ओका ने कहा, आप या तो वकालत कर लीजिए या फिर पत्रकारिता। हम इस तरह की प्रैक्टिस की अनुमति नहीं देंगे। कोर्ट ने आरोपी अधिवक्ता से कहा, जो उस समय एक पत्रकार के तौर पर भी काम कर रहा था, जब बार काउंसिल के नियमों में ऐसी दोहरी भूमिकाएं निभाने पर प्रतिबंध है तो आपको हम इसकी इजाजत कैसे दे सकते हैं।जस्टिस ओका ने कहा, हम ऐसी दोहरी भूमिका की अनुमति नहीं दे सकते। यह एक नेक पेशा है। आप यह भी नहीं कह सकते कि एक स्वतंत्र पत्रकार हैं। इसके बाद पीठ ने अधिवक्ता-सह-पत्रकार की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नया नोटिस जारी किया। यह मामला मोहम्मद जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने अधिवक्ता-सह-पत्रकार की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नया नोटिस जारी किया। यह मामला मोहम्मद कामरान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य का है। दिया था। कामरान ने अपनी याचिका में आरोप लगाए थे कि तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें बदनाम करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को सितंबर 2022 में पत्र लिखे थे। जब हाई कोर्ट ने कमरान की मानहानि की अर्जी इस साल मार्च में खारिज हो गई तो उन्होंने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।कामरान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य का है।दर असल, डॉ. मोहम्मद कामरान इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करते हैं और साथ में ही वह स्वतंत्र पत्रकारिता भी करते हैं। उन्होंने भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया था, जिसे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज करअपील याचिका में कामरान ने लिखा कि वह वकील और पत्रकार दोनों हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता और नाराजगी जताई और कहा कि नियमों के मुताबिक, एक वकील कोई दूसरा पेशा नहीं अपना सकता। पीठ ने अपीलकर्ता मोहम्मद कामरान के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से भी जवाब मांगा है।


गोण्डा जनपद में आखिर ऐसा क्या हुआ कि 29 ग्राम पंचायत सचिवों का एक साथ ट्रांसफर कर दिया गया,पंचायत विभाग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पूरे जनपद के 16 ब्लॉकों में चर्चा छेड़ दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा विभिन्न विकास खंडों में लंबे समय से तैनात 29 पंचायत सचिवों का स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एक सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन शाखा गोण्डा के तत्वाधान में विचार गोष्ठी एवं वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता की चुनौतियों, निष्पक्षता और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार व्यक्त किए। इस दौरान 60 वर्ष की आयुपूर्ण कर चुके 11 वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। पत्रकारों की कलम गरीब और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए चले”: एसपी विनीत जायसवाल
दरगाह पर लगा सरकारी ताला
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