गोंडा जनपद के क्षेत्र अंतर्गत रेन बसेरा गौशाला स्थलों पर ठंड के बचाव के लिए जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने दिया सख्त निर्देश कड़ाके की ठंड को देखते हुए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा इन निर्देशों का पालन करने वाले संबंधित अधिकारियों कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।उक्त निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि जनपद के सभी गौ आश्रम स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही पशुओं के लिए भूसे त्रपाल ,बोरी, बिछावन तैयार करने की और उन्हें ठंड से बचने के लिए गर्म वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया साथ हीं पशुओं के खान-पान पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने हरा चारा,गुड़, पौष्टिक आहार पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने रात के समय गौ आश्रय की सुरक्षा को लेकर चौकीदार की तैनाती को भी अनिवार्य बताया और साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही जिलाधिकारी ने निर्देश में गौ आश्रम स्थान के आसपास खुले में कूड़ा कचरा ना फेंका जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया। कि इन निर्देशों का पालन शक्ति से सुनिश्चित किया जाए और व्यवस्थाओं को नियमित निगरानी की जाए। स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी समय-समय पर सभी व्यवस्थाओं की रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित करें,कड़ाके की ठंड के मौसम में पशुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।सख्त निर्देश देते हुए कहा किसी प्रकार की चूक होने पर कोई अधिकारी कर्मचारी बक्सा नहीं जाएगा।इसी क्रम में मोहल्ला मेवतियां स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण कर ठंड से बचाव की तैयारी का जायजा लिया।
बढ़ते कड़ाके की ठंड को लेकर गौ -आश्रय, एवं रेन बसेरा का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश – जिलाधिकारी नेहा शर्मा
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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