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Ashcharychakit live tv news

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अनु तिवारी / प्रदीप गुप्ता                                         गोंडा ब्यूरो रिपोर्ट                                              राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर गांव की पगडंडियों तक होने वाली 2024 की दुर्घटनाओं को देखते हुए दो पहिया वाहनों से होने वाले दुर्घटनाओं को और नागरिक सुरक्षा हित में अब बिना हेलमेट बाइक सवारों को नहीं मिलेगा पेट्रोल मंडलाआयुक्त ने 2025 सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए देवीपाटन मण्डल में नो हेलमेट, नो फ्यूल की पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत मंडल में हेलमेट न पहनने वाले दो पहिया वाहनों को पेट्रोल टंकी पर पेट्रोल नहीं मिलेगा। इसकी जानकारी देते हुए  देवीपाटन मंडल के मंडलाआयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने गोंडा /बलरामपुर /बहराइच /श्रावस्ती क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चारों  जिलों के डीएम, आरटीओ प्रवर्तन और डीएसओ को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस अभियान को पूरी शक्ति से पालन सुनिश्चित किया जाए हेलमेट न होने की वजह से सड़क दुर्घटना में कई बाइक स्वरों की जान तक चली जाती है। हेलमेट लगा होने से दुर्घटना में बाइक सवार यात्रियों की जान का खतरा काफी कम हो जाता है। इसीलिए इस अभियान को चलाया गया है अब लोग घर से हेलमेट लगाकर ही सड़क पर निकलेंगे यदि वह हेलमेट बिना लगाएं यात्रा करते हैं। तो उन्हें पेट्रोल पंप से पेट्रोल नहीं मिलेगा। 1 जून 2019 से नोएडा में यह रणनीति लागू की गई थी। जिसके तहत पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दो पहिया वहान चालको और उनके सह यात्रियों दोनों को हेलमेट लगाने पर ही मिलेगा पेट्रोल प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस पहल से नागरिक सुरक्षा की दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी देखी गई।इससे प्रभावित होकर ही अब यह पहल प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-129 के तहत प्रत्येक व्यक्ति जो मोटरसाइकिल स्कूटर या मोपेड चलता है।या सवारी करता है। उसको मानक हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यह नियम 4 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों पर भी लागू होता है। इस नियम में केवल सिख धर्म के अनुयायियों को जो पगड़ी पहनते हैं। छूट दी गई है। इस नियम के उल्लंघन की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 के तहत दंड व जुर्माने का प्रावध शान है। मण्डलायुक्त ने समस्त जिलों के सम्बन्धित अधिकारियों का निर्देश दिये है। कि दुर्घटना प्रबल क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उनके सुधार हेतु तुरंत कदम उठाए जाए। बेहतर साइन बोर्ड, सड़क प्रकाश व्यवस्था और यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाये। सभी जिलों में सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक कर इस रणनीतिक कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की जाए,जरूरत के अनुसार रणनीतियों में सुधारऔर संशोधन किया जाए मंडलायुक्त ने कहा कि एनजीओ, स्वयंसेवी संगठन और मीडिया के सहयोग से सड़क सुरक्षा को एक जन आंदोलन के रूप में प्रचारित किया जाए। क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्तियों को इस अभियान में शामिल किया जाए। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग हेलमेट न पहनने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम एक्ट के तहत प्रासंगिक धाराओं के तहत नियमानुसार जुर्माना लगाए। पेट्रोल पंप मालिकों के साथ संवाद स्थापित कर,उन्हें इस रणनीति के महत्व और क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। सीसीटीवी निगरानी और ईंधन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम इस रणनीति को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शहरी क्षेत्र में लागू किया जाए जहां दो पहिया वाहनों की संख्या व दुर्घटना की संभावना अधिक है। इस पहल के प्रभाव का मूल्यांकन करने के बाद इसे ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तारित किया जाए।


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
सनातनी ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ 15वां सामूहिक सुंदरकांड का पाठ – अनंत चतुर्दशी के पावन दिवस पर लखनऊ की तीन सौ महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड का पाठ- सुंदकांड के माध्यम से सुंदर समाज की कामना की गई- सभी सनातनी महिलाएं इस अनुष्ठान में पीतवर्णी साड़ी में शामिल हुईं
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