गोण्डा ब्यूरो रिपोर्ट।
जिला पोषण समिति की बैठक में पोषण योजनाओं की गहन समीक्षा करते जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने लिया बड़ा एक्शन लिया. डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनपद के 16 ब्लॉक में कार्य में लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर उन्हें चिन्हित किया जाए, और उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाए. बैठक में उन्होंने एनीमिया मुक्त भारत अभियान, बच्चों का आधार नामांकन, पोषण माह के क्रियान्वयन और पोषण ट्रैकर ऐप पर लाभार्थियों के आधार सत्यापन की प्रगति की समीक्षा रिपोर्ट उन्होंने कहा कि योजनाओं की फीडिंग समय पर और शत-प्रतिशत होनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने पर जोर देते हुए कहा की निर्माणाधीन भवनों का कार्य तेजी से पूरा कराया जाए. साथ ही सभी केंद्रों पर वजन एवं लंबाई नापने के उपकरण, खिलौने, शिक्षा सामग्री, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए. जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कार्य न करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को यह भी निर्देश दिया lकि कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को जल्द से जल्द स्वस्थ श्रेणी में लाया जाए और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच व प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए. समीक्षा के दौरान विभागीय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी महोदया ने सभी सी डी पी ओ को निर्देशित किया कि पोषाहार वितरण, पी एम एम वी वाई और बच्चों में बुद्धि निगरानी, गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य एवं पोषण शिशु एवं बाल पोषण, गृह भ्रमण अन्य योजनाओं की फीडिंग समय से पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराई जाए. सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के केंद्र संचालित होना प्रतिदिन आवश्यक है ऐसा न करने पर मुख्य सेविकाएं और बाल विकास परियोजना अधिकारी सभी सेंट्रो का संचालन सूचीबद्ध तरीके से केंद्र संचालित न करने वालों और क्षेत्र भ्रमण न करने वाली कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
उत्तर प्रदेश
क्राइम
खास खबर
गोण्डा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर किसी भी समय गिरेगी गाज़, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सेंटर ना संचालित करना और क्षेत्र भ्रमण ना करने पर उन सभी की सेवा समाप्ति के दिए सख्त निर्देश
Related Post
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
कृषि
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
झारखंड
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सिक्किम
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कर्नाटक
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मणिपुर
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
मिज़ोरम
मेघालय
राजनीति
राजस्थान
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
