वजीरगंज गोण्डा ब्यूरो रिपोर्ट
विगत दिन मंगलवार दोपहर तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक में टक्कर लग गई। हादसे में बाइक से अपने दादा व मां के साथ जा रहे मासूम की मौत हो गई। उसकी मां और दादा गंभीर रूप से घायल हो गए।अनभुला गांव निवासी राधेश्याम गुप्ता मंगलवार को अपने पौत्र आयुष्मान (4) का इलाज कराने के लिए बहू संजू बाइक से कस्बे में गए थे। उपचार कराकर लौटते समय हनुमान मंदिर के सामने सड़क पार करने के लिए वह यातायात कम होने का इंतजार कर रहे थे। तभी नवाबगंज की ओर से रबर मोल्ड ईंटें लादकर आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली की बाइक में टक्कर लग गई। हादसे में आयुष्मान ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राधेश्याम व संजू को भी काफी चोटें आईं। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां अधीक्षक डॉ. आशुतोष शुक्ल ने आयुष्मान को मृत घोषित कर दिया। वही घटनाक्रम के संबंध में वजीरगंज थाना प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक में टक्कर लगने के बाद वह सड़क किनारे गड्ढे में गिर गया। चालक मौके पर ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। मृतक आयुष्मान के पिता लाल बहादुर सूरत में मजदूरी करते हैं। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा है
मासूम अंशुमान की दर्दनाक मौत, दादा व मासूम बच्चे की मां गंभीर घायल इलाज कराकर लौटते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक में लगी टक्कर ट्रैक्टर चालक मौके से फरार
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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