उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की स्थापना विगत वर्ष 14 नवंबर1962 ईसा पूर्व मैं पंडित मुरारी लाल शर्मा जी द्वारा स्थापित कराया था,तब से अनवरत संपूर्ण उत्तर प्रदेश में स्थापना दिवस मनाया जाता है,उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने मां शारदे को माल्या अर्पण कर दीप प्रचलित किया, अतिथि के रूप में कर्नलगंज,
तरबगंज,मनकापुर,सदर तहसील, उप जिलाधिकारी विशाल कुमार,भरत भार्गव, अवनीश त्रिपाठी,यशवंत राव और सुश्री नेहा मिश्रा एवं तहसीलदार कर्नलगंज मनीष वर्मा साथ में पूर्व जिला अध्यक्ष नंद कुमार सिंह, करुणेश कुमार, राम बहादुर पांडे रामेश्वर प्रसाद पांडे,कैलाश नाथ सिंह,सत्यनारायण त्रिपाठी, के साथ-साथ वर्तमान जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी मंत्री सिद्धार्थ द्विवेदी, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार तिवारी, जितेंद्र कुमार पाल, जयप्रकाश वर्मा, आत्माराम वर्मा, राम पूजन यादव, मनीष शुक्ला, विनय कुमार यादव,
हीरामणि मिश्रा,रामेश्वर दत्त तिवारी, दुर्गेश कुमार वर्मा उक्त कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर प्रसाद पांडे ने किया कार्यक्रम में जिले के समस्त वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक एवं सभी लेखपाल साथियों ने उपस्थिति दर्ज कराई कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी ने आए हुए सभी अधिकारियों वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक,जिलाधिकारी एवं समस्त उप जिलाधिकारी को और सभी तहसीलदारों का अभिनंदन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 62 वा स्थापना दिवस गोंडा तहसील के लेखपाल संघ भवन में जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी सहित चारों तहसीलों के उप जिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने लेखपालों स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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