गोण्डा।
मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार मैं आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित करते हुए बताया की पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जायेगा।घरौनी वितरण कार्यक्रम जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने स्वामित्व योजना से संबंधित घरौनी वितरण कार्यक्रम के तैयारी की गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान आनलाइन गूगल मीट के माध्यम से जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त खण्डविकास अधिकारी तथा अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों से 27 दिसम्बर 2024 को जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत सभागार, तहसील मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले स्वामित्व योजना के अन्तर्गत घरौनी वितरण कार्यक्रम की गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया है कि यह कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से शुरू होगा तथा दोपहर 12:30 बजे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश का उद्बोधन होगा। इसके बाद घरौनी वितरण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए जनप्रतिनिधिगणों का उद्बोधन होगा। उसके बाद सभी संबंधित लाभार्थियों को घरौनी का वितरण किया जाएगा। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस कार्यक्रम के लिए पूरी तैयारी कर ली जाए तथा उपरोक्त सभी स्थानों पर पूरी भव्यता के साथ कार्यक्रम का आयोजन कराया जाए। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम के दौरान घरौली वितरण में आने वाले जिलाधिकारी गोण्डा नेहा शर्माने लाभार्थियों की उपस्थिति शतप्रतिशत सुनिश्चित की जाए। घरौनी वितरण के लाभार्थियों को समय से कार्यक्रम स्थल पर बुलाया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश, उप जिलाधिकारी सदर गोंडा अवनीश त्रिपाठी, तहसीलदार सदर देवेंद्र कुमार यादव, नायब तहसीलदार अनुराग पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे आदि उपस्थित रहे।
स्वामित्व प्रमाण पत्र (घरौनी ) वितरण कार्यक्रम आज होगा
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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