संगीता कसौधन ( Ayodhya Mandal head) रूबी सोनी (Ayodhya district head) अयोध्या धाम फैज़ाबाद कार्यालय। (ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट )
राम नवमी के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के ननिहाल दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) से हजारों की संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुँचे। श्रद्धालु भगवान श्रीराम तथा उनके अनन्य भक्त हनुमान जी महाराज के प्रतिरूप में गाजे-बाजे के साथ अयोध्या पहुँचे और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से कारोबारी एवं समाजसेवी प्रवीन झा के कुशल संयोजन और मार्गदर्शन में यह भव्य यात्रा आयोजित की गई। उनके नेतृत्व में हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुँचे। इस दौरान सभी तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा और भोजन की व्यवस्था भी की गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।अयोध्या पहुँचने पर सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रियेश दूबे ने अपने साथियों के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर द्वार पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर प्रियेश दूबे ने बताया कि समाजसेवी प्रवीन झा के सहयोग से हर वर्ष अधिकाधिक संख्या में श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या की यह निःशुल्क यात्रा आयोजित की जाएगी, जिससे सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और सर्व समाज के कल्याण का उद्देश्य पूरा हो सके। यात्रा में प्रवीन झा के साथ मुख्य रूप से केशव सिंह, रमेश वर्मा, अवधेश पांडेय, शंकर टेटे, रामानुज स्वामी, रमेश गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।
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राम नवमी के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के ननिहाल दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) से हजारों की संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुँचे। श्रद्धालु भगवान श्रीराम तथा उनके अनन्य भक्त हनुमान जी महाराज के प्रतिरूप में गाजे-बाजे के साथ अयोध्या पहुँचे और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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