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Ashcharychakit live tv news

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दर्शननगर मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालात यह हैं, कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अस्पताल जिला अस्पताल जैसी सीमित सुविधाओं पर ही निर्भर है।मेडिकल कॉलेज बनने के बाद वर्ष 2019 से संचालन शुरू हुआ, लेकिन आज तक नेफ्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है। स्थिति चिंताजनक बनी,राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में गम्भीर बीमारियों का नहीं हो पा रहा है इलाज, नौ साल बाद भी कई विभागों की ओपीडी शुरू नहीं, मरीजों को लखनऊ का रुख करने की मजबूर, इसका जिम्मेदार कौन जनता कर रही सवाल

ByPradeepkumargupta

Apr 6, 2026


         प्रदीप कुमार गुप्ता (editor in chief)                                              रूबी सोनी (district head)                                           अयोध्या धाम कार्यालय फैजाबाद।                                                   ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट          रामनगरी स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बावजूद यहां अभी तक कई गंभीर बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अस्पताल जिला अस्पताल जैसी सीमित सुविधाओं पर ही निर्भर है।मेडिकल कॉलेज बनने के बाद वर्ष 2019 से संचालन शुरू हुआ, लेकिन आज तक नेफ्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।कैंसर और हृदय रोगियों को नहीं मिल रही समुचित सुविधाअस्पताल में कैंसर मरीजों को केवल कीमोथेरेपी और सीमित दवाएं ही मिल पा रही हैं। वहीं हृदय रोगियों के लिए कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सक की तैनाती के बावजूद सप्ताह में केवल दो दिन ही ओपीडी संचालित हो रही है। कैथलैब की सुविधा न होने से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसी जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।एमआरआई मशीन का अभाव, निजी जांच पर निर्भरताअस्पताल में एमआरआई मशीन न होने के कारण मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे इलाज महंगा हो जाता है।मरीजों ने उठाई एम्स की मांगअस्पताल पहुंचे मरीजों और तीमारदारों ने बेहतर सुविधाओं की मांग उठाई है। कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए अयोध्या में एम्स जैसे संस्थान की स्थापना की भी मांग की है, ताकि सभी गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।प्रशासन का पक्षमेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संसाधनों की कमी को दूर करने के प्रयास जारी हैं। कैथलैब सहित अन्य सुविधाएं शुरू करने के लिए शासन स्तर पर कार्य चल रहा है। चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा।


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
सनातनी ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ 15वां सामूहिक सुंदरकांड का पाठ – अनंत चतुर्दशी के पावन दिवस पर लखनऊ की तीन सौ महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड का पाठ- सुंदकांड के माध्यम से सुंदर समाज की कामना की गई- सभी सनातनी महिलाएं इस अनुष्ठान में पीतवर्णी साड़ी में शामिल हुईं
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