गोंडा,………………कल दिनांक 20 अक्टूबर 2024 गोंडा लेखपाल संघ भवन एक बैठक आहूत की गई जिसमें लेखपाल संघ के जिला मंत्री सिद्धार्थ द्विवेदी ने बताया कि जिला अध्यक्ष करुणेश की पदोन्नति होने से जिला अध्यक्ष काफी दिनों से रिक्त चल रहा है, जिसमें जिले एवं तहसील के पदाधिकारी और चारों तहसीलों के तहसील अध्यक्ष,मंत्री दो दर्जन से अधिक लेखपाल,लेखपाल संघ भवन में मौजूद रहे, जिसमें जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी लेखपाल संघ के जिला ऑडिटर ओमप्रकाश वर्मा एवं लेखपाल संघ की तहसील अध्यक्ष कर्नलगंज मनीष शुक्ला ने प्रस्ताव रखा,की जिस पर सभी तहसील व जिला के पदाधिकारी ने जिला अध्यक्ष पद के लिए लेखपाल दीपक त्रिपाठी का नाम प्रस्तावित किया जिस पर जिला मंत्री सिद्धार्थ द्विवेदी जितेंद्र पाल कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी सहित सभी पदाधिकारी और लेखपालों ने एक स्वर में सर्वसम्मत से. …..
लेखपाल दीपक त्रिपाठी को जिला अध्यक्ष मनोनीत किया, जिला अध्यक्ष बनने के बाद दीपक त्रिपाठी ने जिला कार्यकारिणी तहसील. कार्यकारिणी वह समस्त लेखपाल मित्रों को धन्यवाद ज्ञापित किया, जिसमें प्रमुख रूप से राम पूजन यादव लेखपाल संघ तहसील मंत्री मनकापुर, तरबगंज तहसील अध्यक्ष हीरामन मिश्रा, रामेश्वर तिवारी तहसील मंत्री तरबगंज मनीष शुक्ला तहसील अध्यक्ष करनैलगंज, राकेश वर्मा जावेद अहमद धर्मेंद्र तिवारी लेखपाल संघ के जिला कोषाध्यक्ष, अर्जुन सिंह संदीप लेखपाल जयप्रकाश आदि दो दर्जन से अधिक लेखपाल गोंडा लेखपाल भवन में उपस्थित रहे,
दीपक त्रिपाठी बने लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष लेखपालों में उत्साह
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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