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देश कीआस्था और विश्वास का महापर्व छठ पूजा और सूर्य देव की आराधना

ByPradeepkumargupta

Nov 8, 2024


चौथे दिन तोड़ा महिलाओं ने सूर्य देव की उपासना छठी मैया की पूजा अर्चना करके अन्य जल ग्रहण किया पूरे देश की आस्था और विश्वास का महापर्व छठ पूजा बहुत ही कठिन पर्व माना जाता है       जिसमें महिलाएं 36 घंटे निर्जला व्रत रखकर उपवास करती हैं और सप्तमी के दिन सुबह 3:00 से नदी तालाब पोखरा पर हजारों की संख्या मैं महिलाएं पुरुष और श्रद्धालु हजारों की संख्या में उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद तहसील क्षेत्र तरबगंज के ब्लॉक वजीरगंज स्थित बारादरी के पक्के घाट पर छठ शाम की नहाए खाए डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ देकर अपने संतान और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की पौराणिक मान्यता के अनुसार छठ पूजा सर्वप्रथम माता सीता और प्रभु श्री राम ने किया था.                  वेद पुराणों से पता चला कि भगवान श्रीरामअयोध्या में रामराज की स्थापन करनी थी 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करने एवं रावण का वध करने के बाद प्रभु श्री राम अयोध्या आए थे तब महर्षि कश्यप और बहुत सारे ऋषि मुनियों ने से विचार विमर्श करके माता सीता और प्रभु श्री राम सूर्य देव की उपासना कर छठी मैया का कठिन व्रत रखा उसके बाद राम राज्य की स्थापना की तभी से पूरे देश में छठ पूजा का महापर्व मनाया जा रहा लोकमान्यता है          

        ब्रह्मा जी का छठ अंश छठी मैया को देवसेना के नाम से भी जाना जाता है पौराणिक और धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत बहुत ही कठिन होता है जो महिलाएं पूर्ण श्रद्धा विश्वास के साथ इस व्रत को करती हैं उन्हें संतान का सुख प्राप्त होता है और की संतान पुत्र से मुक्ति मिलती है, जो महिलाएं व्रत धारी होती हैं उन्हें कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है इसलिए मान्यता है की सनातन धर्म का सबसे बड़ा महापर्व छठ पर्व माना जाता है चार दिवसीय इस महापर्व को रखती हैं,           वजीरगंज बाजार में स्थित बारादरी झील के नाम से विख्यात महिला व्रत धारी के लिए काफी कष्टदाई रहा उक्त घाट की साफ सफाई न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जलकुंभी और सैलाब के बीच सूर्य देव को छठी मैय सूर्य देव और छठी मैया की पूजा उपासना की उक्त बारादरी घाट पर उपस्थित श्रद्धालु और महिलाओं ने बताया की नही ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव कराया गया, इस जलकुंभी और सैलाब के बीच पानी में खड़ी होकर महिलाओं ने अर्घ दिया, इसी क्रम में बताते चलें आपको की जिले मुख्य विकास अधिकारी 13 नवंबर को इसी बारादरी पर सौंदरीकरण के संबंध में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ वजीरगंज प्रधान सुशील जायसवाल लेखपाल कानून को डीपीआर ओ एक बैठक की थी उसके बाद ग्राम प्रधान और सीडीओ नौका का बिहार भी किया था                     जिस पर जलकुंभियों को साफ करने का चर्चा पर चर्चा भी किया था उसके बावजूद भी महापर्व छठ पूजा के पावन पर्व वजीरगंज प्रधान शासन प्रशासन के किसी भी अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्राम पंचायत सदस्य सफाई कर्मी उक्तघाट पर नजर नहीं आए, सुरक्षा की दृष्टिकोण से दो महिला आरक्षी एक दरोगा दो.                 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी फिर हल छठ पूजा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ व्रतधारी महिलाओं ने आए हुए हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया श्रद्धालुओं ने छठी मैया और सूर्य देव उपासना की और अपने घर परिवार उज्जवल भविष्य के लिए प्रार्थना की जिसमें प्रमुख रूप से विनोद कुमार मौर्य, गुड्डू जायसवाल, सुरेश कुमार गुप्ता लवकुश मौर्य राजू गुप्ता आदि हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लिया


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
सनातनी ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ 15वां सामूहिक सुंदरकांड का पाठ – अनंत चतुर्दशी के पावन दिवस पर लखनऊ की तीन सौ महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड का पाठ- सुंदकांड के माध्यम से सुंदर समाज की कामना की गई- सभी सनातनी महिलाएं इस अनुष्ठान में पीतवर्णी साड़ी में शामिल हुईं
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