रूबी सोनी अयोध्या धाम,। प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. प्रियंका मौर्या ने आज सर्किट हाउस अयोध्या में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समाधान करना और महिलाओं को न्याय दिलाना था। डा. प्रियंका मौर्या ने पीड़ितों के साथ बैठकर उनके मामलों की गंभीरता से सुनवाई की और मौके पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान 45 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार, भूमि विवाद, और अन्य मामले शामिल थे। डा. प्रियंका मौर्या ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उदाहरण के तौर पर, विजयलक्ष्मी के मामले में विधवा पेंशन और बाल सेवा योजना के लिए, फूलराजी के मामले में बीकापुर थानाध्यक्ष से शीघ्र निस्तारण के लिए संवाद किया गया। माधुरी के शौचालय मामले को गंभीरता से लिया गया और थानाध्यक्ष को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। विवाह संबंधी मामलों को भी शीघ्र निपटाने के प्रयास किए गए। डा. प्रियंका मौर्या ने कहा कि जनसुनवाई में आए पीड़ित महिलाओं के मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, और सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पीड़ितों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य महिला आयोग महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित मामलों के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और प्रत्येक जनपद में जनसुनवाई आयोजित की जाती है।इस अवसर पर उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्विनी कुमार, पुलिस उपाधीक्षक योगेन्द्र कुमार, और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय दिलाने की अधिकारी को दिया आश्वासन डॉ प्रियंका मौर्या
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पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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