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उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया ने दिया सख्त निर्देश तीन विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अति शीघ्रपूर्ण करने का दिया निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

ByPradeepkumargupta

Jan 1, 2025


लखनऊ,                                                       मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन नए विश्वविद्यालयों (मां पाटेश्वरी विवि बलरामपुर, मां विंध्यवासिनी विवि मीरजापुर व गुरु जंभेश्वर विवि मुरादाबाद) के भवन निर्माण की प्रगति, कर्मचारियों की व्यवस्था व संचालन के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से कहा कि निर्माण कार्य समय से हो। इसमें गुणवत्ता का हर हाल में ध्यान रखा जाए। कमेटी बनाकर निर्माण कार्य की समय-समय पर की जाए समीक्षा,योगी  जी ने कहा कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से कराए जाएं। पहले चरण में एकेडमिक व प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जाए। द्वितीय चरण में कुलपति, फैकल्टी व गेस्ट हाउस तथा तीसरे चरण में छात्रावास के निर्माण की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, कार्यदायी संस्था व स्थानीय प्रशासन की कमेटी बनाकर निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा की जाए। कुलपति प्रतिदिन या दो दिन में निर्माण कार्यों का अवलोकन करते रहें। यह सुनिश्चित हो कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण हो और समय से हो। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हर 15 दिन में की जाए मॉनीटरिंग हर 15 दिन पर उच्च शिक्षा विभाग से इसकी मॉनीटरिंग की जाए। कार्य में किसी भी बाधा की स्थिति में कुलपति जिलाधिकारी-प्रमुख सचिव से संवाद स्थापित करें। निर्माण कार्य में किसी भी परिवर्तन के लिए शासन से संपर्क करें। शासन स्तर से कार्यदायी संस्थाओं को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए जाएं।    उच्च शिक्षा विभाग के मंत्रीगण भी समय-समय पर इन विश्वविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें।विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराए जाएं मैनपॉवरमुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों में नियमित कर्मचारियों की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, जिससे अन्य कार्य भी सुगमता से संचालित हो पाएं। इनके लिए अस्थायी व्यवस्था भी तत्काल मुहैया कराई जाए।         मुख्यमंत्री जी ने कुलपतियों को आवासीय समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कुलपतियों के बीच स्थापित हो संवाद, एक-दूसरे का करें सहयोग प्रदेश  के मुखिया ने का  ने कहा कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कमांड एरिया में आने वाले महाविद्यालयों की संबद्धता की औपचारिकताओं से जुड़ी कार्रवाई जल्द पूर्ण कर ली जाएं। निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कुलपति अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक करें।और उनका भी सहयोग लें। विश्वविद्यालय का लोगो, कुलगीत व सूत्रवाक्य तैयार कराए जाएं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विश्वविद्यालय का लोगो, सूत्रवाक्य व कुलगीत तैयार कराए जाएं। इसके लिए विश्वविद्यालय-महाविद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित हों।  कुलगीत के निर्माण में विद्वानों की भी मदद ली जाए। इसे वहां की पौराणिकता व उक्त जनपद के विरासत को ध्यान में रखकर बनाया जाए। कुलगीत के माध्यम से विरासत के प्रति गौरव का भाव भी जागृत हो। विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद वहां से किसी भी अतिथि को दिए जाने वाले उपहार में लोगो का उपयोग अनिवार्य रूप से हो। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी व कई विश्वविद्यालयों के कुलपति भी मौजूद रहे।


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मानअयोध्या। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
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