देवीपाटन मंडल गोंडा। ब्यूरो रिपोर्ट
देवीपाटन मंडल के मंडलाआयुक्त के सख्त निर्देश के बावजूद पेट्रोल पंप संचालक कमिश्नर के आदेश की खुले आम धज्जियां उड़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए। अभियान को नहीं मानते पेट्रोल पंप संचालक नो हेलमेट नो फ्यूल के क्रम में गोंडा अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग स्थित लीला पेट्रोल पंप पर खुलेआम बिना हेलमेट धारकों को दिया जा रहा है। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। कर्मचारियों से बात करने पर पता चला कि उन्होंने अपने मालिक से बात की कि बिना हेलमेट धारकों को पेट्रोल कैसे दिया जाए। इस पर पेट्रोल पंप मालिक नेअपने कर्मचारियों से कहा तुम्हारा जो काम है। वह करो पेट्रोल सबको दो जो होगा,देख लेंगे ऐसे नियम कानून बहुत आते जाते रहते हैं। वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत लीला ट्रेडर्स हिंदुस्तान पेट्रोलियम का लगभग 50 वर्ष पुराना पेट्रोल पंप है। इस पेट्रोल पंप के मालिक कहते हैं कि मेरी पहुंच शासन तक है।जो होगा देख लेंगे। इस तरह कमिश्नर के आदेश का पालन पेट्रोल पंप संचालक नहीं करते, और ना ही किसी प्रकार का बड़ा बोर्ड, होल्डिंग या साइन बोर्ड पेट्रोल पंप पर नहीं लगाया गया। किसी प्रकार का होडिंग बोर्ड ना लगने की वजह से अधिकांश क्षेत्र की दो पहिया वाहन चालकों किसी प्रकार की जानकारी नहीं है। इसी के सापेक्ष में खुला खेल फर्रुखाबादी की तर्ज पर पेट्रोल की बिक्री की जा रही है।
अयोध्या
उत्तर प्रदेश
एक्सक्लूसिव
कृषि
क्राइम
खेल
गोण्डा
जम्मू एवं कश्मीर
तेलंगाना
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
महाराष्ट्र
लखनऊ
वजीरगंज
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सुल्तानपुर
“”खुला खेल फर्रुखाबाद की तर्ज” पर देवीपाटन मंडल कमिश्नर द्वारा जारी निर्देश नो हेलमेट नो फ्यूल पेट्रोल पंप संचालक उड़ा रहे धज्जियां
Related Post
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
कृषि
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
झारखंड
दिल्ली
देश
नवाबगंज
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
राजनीति
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सिक्किम
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए….सनातन धर्म में 16 दिन का पितृपक्ष, सबसे संवेदनशील, सबसे सूक्ष्म दिनों का समय माना गया है। गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और मृत्यु के बाद के विज्ञान का ग्रंथ है, वह स्पष्ट कहता है – इन 16 दिनों में आपका शरीर केवल आपका नहीं रहता, आप अपने पितरों के लिए एक “पात्र” बन जाते हैं।
Uncategorized
अंबेडकर नगर
अमेठी
अयोध्या
अरुणाचल प्रदेश
असम
आंध्र प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
उन्नाव
एक्सक्लूसिव
ओड़ीशा
कर्नाटक
कृषि
केरल
क्राइम
खास खबर
खेल
गुजरात
गोण्डा
गोवा
छत्तीसगढ़
जम्मू एवं कश्मीर
झारखंड
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
दिल्ली
देश
नवाबगंज
नागालैंड
पंजाब
पश्चिम बंगाल
बलरामपुर
बहराइच
बाराबंकी
बिहार
मणिपुर
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
मिज़ोरम
मेघालय
राजनीति
राजस्थान
रायबरेली
लखनऊ
लखीमपुर खीरी
वजीरगंज
विदेश
वॉयरल न्यूज़
श्रावस्ती
सीतापुर
सुल्तानपुर
हरदोई
हरियाणा
