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Ashcharychakit live tv news

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प्रदीप कुमार गुप्ता                                                  लखनऊ प्रदेश कार्यालय                                               ब्यूरो की खास रिपोर्ट                   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव लड़ने पर लग सकती है रोकप्रदेश सरकार की जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने की कवायदजनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार पंचायतों में दो से अधिक बच्चों वालों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा सकती है। खुद पंचायतीराज मंत्री इसके पक्षधर है। केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान समेत कुछ अन्य नेता मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर छोड़ा गया गया।जनसंख्या नियंत्रण कानून को भाजपा केवैचारिक व सियासी एजेंडे का हिस्सा माना जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग टू चाइल्ड पॉलिसी बनाने की कवायद भी कर रहा है। कुछ राज्यों ने त्रिस्तरीय पंचापती चुनाव में दो से ज्यादा बच्चों के माता-पिता के चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी कानून प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ लेंगे अंतिम फैसलासे बनाए है। वहीं प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिलकर इस संबंध में सुझाव दे चुके हैं। जबकित्रिस्तरीय पंचापती चुनाव में दो से ज्यादा बच्चों के माता-पिता के चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी कानून प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ लेंगे अंतिम फैसलासे बनाए है। वहीं प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिलकर इस संबंध में सुझाव दे चुके हैं। जब केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने 11 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दो से ज्यादा बच्चों वालों के पंचायतीराज एक्ट में करना होगा, संशोधनप्रदेश में पंचायती सुन्स अक्तूबर से दिसंबर के बीच प्रस्तावित थे। लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते पंचायती चुनाव की तैयारियां नहीं हो पाई हैं। इसलिए चुनावों का टलना तय है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अब अगले साल फरवरी माह के बीच चुनाव हो सकते हैं। इनमें दो से ज्यादा बच्चों वालों के चुनाव लड़ने पर रोक सकती है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पंचायतीराज एक्ट में संशोधन करना पड़ेगा। कानूनी राय लेने के बाद राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढ़ सकती है।न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पर भी विचार दो बच्चों तक की अनिवार्यता के साथ ही पंचायती जनप्रतिनिधियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट कम से कम अनिवार्य रूप से निर्धारित करने के साथ ही किसी भी प्रकार से मुकदमा पंजीकृत ना हो और ना ही किसी भी न्यायालय में उनके विरुद्ध मुकदमा वंचित ना हो का भी सुझाव दिया गया है। कुछ राज्यों ने इसकी शुरुआत की है। इस मुद्दे पर भी भाजपा और प्रदेश सरकार के स्तर पर विचार किया जा सकता है।पंचायतीराज चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। डॉ. बालियान ने बताया कि प्रदेश में 25 से 30 लाख लोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ते हैं। यदि चुनाव लड़ने के लिए ऐसे लोगों को अयोग्य घोषित किया जाएगा तो जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन मिलेगा।लिहाजा उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव में इसकी पहल की जाए। वहीं, पंचायतीराज मंत्री का कहना है कि उत्तराखंड, हरियाणा व ओडिशा समेत करीब आधा दर्जन राज्यों में ऐसा प्रावधान पहले से लागू है। यूपी में अभी यह विषय सुझाव के स्तर पर है।


गोण्डा जनपद में आखिर ऐसा क्या हुआ कि 29 ग्राम पंचायत सचिवों का एक साथ ट्रांसफर कर दिया गया,पंचायत विभाग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पूरे जनपद के 16 ब्लॉकों में चर्चा छेड़ दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा विभिन्न विकास खंडों में लंबे समय से तैनात 29 पंचायत सचिवों का स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एक सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन शाखा गोण्डा के तत्वाधान में विचार गोष्ठी एवं वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता की चुनौतियों, निष्पक्षता और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार व्यक्त किए। इस दौरान 60 वर्ष की आयुपूर्ण कर चुके 11 वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। पत्रकारों की कलम गरीब और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए चले”: एसपी विनीत जायसवाल
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारी द्वारा लेखपाल संवर्ग की विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तृत वार्ता की गई। चारों तहसीलों द्वारा प्रेषित मांग पत्रों को संलग्न करते हुए जिलाधिकारी ज्ञापन सौंपा गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा सभी समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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