नेहा ठाकुर /प्रदीप गुप्ता अयोध्या धाम खास खबर ब्यूरो प्रमुख की रिपोर्ट
अयोध्या धाम महानगर क्षेत्र अंतर्गत कुमारगंज में आज स्वास्थ्य सेवाओं ने फिर कर दिखाया अपना रंग!कुमारगंज संयुक्त चिकित्सालय
के सौ शैय्या अस्पताल में ‘तीन डॉक्टरों की तिकड़ी’ का ऐसा जादू चला कि पूरी की पूरी गायब हो गई। प्रसव पीड़िता लक्ष्मी तिवारी आईं तो अस्पताल ने हाथ जोड़ दिए और पर्चे पर बाकायदा लिख दिया, डॉक्टर इज़ नॉट अवेलेबल।अब जनता को समझना चाहिए कि यह कोई लापरवाही नहीं, बल्कि ‘नवाचार’ है। जब मरीजों की भीड़ बढ़े, तो डॉक्टर गायब कर दो — इलाज अपने आप रुक जाएगा, और रिपोर्ट में 100% सफलता दिखेगी, क्योंकि मरीज शिकायत करने की हालत में रहेगा ही नहीं!मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथऔर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वास्थ्य मंत्री को तो इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू कर देना चाहिए — *जहां डॉक्टर न हों, वही स्वास्थ्य मिशन सफल है।अब ये मत कहिए कि सरकार कुछ नहीं कर रही…सरकार कर रही है कुर्सी पर बैठकर डॉक्टर खोजने की कोशिश!और जनता? जनता तो अब अंग्रेज़ी सीख रही है ताकि पर्चे पर लिखे *Doctor is not available* का दर्द ठीक से समझ सके।सवाल बस इतना हैजब डॉक्टर इज़ नॉट अवेलेबल”, तब “जिम्मेदारी इज़ अवेलेबल” क्यों नहीं?*
