प्रदीप कुमार गुप्ता/ अशोक कुमार गुप्ता देवीपाटन मंडल कार्यालय गोण्डा ब्यूरो रिपोर्ट
(((विकास नही ! यहाँ पुती है विनाश की काली स्याही)))
“‘वजीरगंज ग्राम सभा अपनी दुर्दशा पर बाहर आया आंसू ”वजीरगंज के चारों तरफ लगा है गंदगी का अम्बार फिर ग्राम प्रधान को मिल रहा है पुरुस्कार—कहावत है नाम बड़े और दर्शन छोटे, ये कहावत गोण्डा जनपद के विकास खंड वज़ीरगंज के ग्राम
प्रधान सुशील कुमार जायसवाल पर बिल्कुल फिट बैठती है। जहाँ इन दिनों अव्यवस्थाओं का बोलबाल है। चारों तरफ गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। यहाँ के प्रधान भले ही चंद स्थानो का
सौंदर्यकरण कराकर अधिकारीयों से पुरुस्कृत हुए हों मगर धरातल की सच्चाई तो यह है, कि यहाँ विकास के नाम पर विनाश की काली स्याही पुती हुई है। जहाँ सिर्फ दुशवारियों का सैलाब है,
जिसमे फंस कर लोगों का जीना मुहाल है।बताते चलें कि वज़ीरगंज के ग्राम प्रधान द्वारा बीते दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल के गेट के बगल सुलभ शौचालय का सौंदर्यकर्ण
कराकार अधिकारीयों से काफी वाहवाही लूटी गई। इसके बाद अधिकारीयों की नजरों मे आने के लिए पूरे मार्केट में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया जो मात्र दिखावा साबित हो रहा है कहीं कैमरा दिखता है तो कहीं लटकता वायर चंद और स्थानो की मरम्मत
करवा कर उसकी पब्लिसिटी करवा दी। और तो और भारत के प्रधानमंत्री द्वारा भी इन्हे पुरुस्कृत किया गया। सच तो यह है कि धरातल पर विकास करने की जगह इनके द्वारा कागजों पर विकास किया गया। जबकि बाजार व गाँवों मे गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। कदम कदम पर यहाँ विनाश की काली स्याही पुती हुई है। यहाँ के
जूनियर स्कूल की बात करें तो मेन दरवाजे के पास ही भारी कचरे का ढेर लगा हुआ है। जो जानलेवा बीमारियों को दावत दें रही है। यहाँ थाने के सामने बनी आरसीसी रोड के टर्निंग पॉइंट पर ही मौत रुपी गड्ढा है जो कि खुलेआम मुंह खोलकर मौत को दावत दें रही है इतना ही नही यहीं पास मे ही भारी कचरे का ढेर भी पड़ा हुआ है
जो लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। ये तो कुछ भी नही है थाने के बॉउंड्री के पीछे गिरधारी पुरवा मोड़ से दरवाजा गाँव की तरफ जाने वाले मार्ग पर तलैया का नजारा है, जिसमे हल्की बारिश से भी कचरा युक्त पानी भर जाता है। जो दुर्घटना का सबब बना हुआ है। इसी कीचड़ युक्त पानी मे से लोगों को न चाहते हुए भी गुजरना पड़ता है।
अब आपको ले चलते हैं हाइवे मार्ग की तरफ जहाँ प्रधान सुशील जायसवाल का महिंद्रा ट्रैक्टर एजेंसी है। और निवास स्थान भी है, आपको बता देन कि एजेंसी के सामने ही सार्वजनिक नाली बनी हुई है, जिसमे एजेंसी के साथ ही पूरे मकान का कचरा व पानी उक्त नाली मे आता है, जिससे नाली का प्रवाह जल्दी ही बंद हों जाता है। जिसके चलते आस पास के दूकानदारो को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काफी दिक्कत आने के
बाद प्रधान अपने एजेंसी के सामने नाली की सफाई करवा कर कचरा का ढेर रोड पर लगवा देते हैं। अब ले चलते हैं एस.एन पाण्डेय मेमोरियल हॉस्पिटल की तरफ जहाँ से ऐतिहासिक बारादारी तक पहुंचाने वाले मार्ग पर भारी कचरा व पानी का जमाव बना रहता है। चर्चा है कि यहाँ का नाला जो बारादारी मे उतारा गया है,
उसमे भारी गन्दगी व कचरा बहता है जिसकी साफ सफाई पर बेखौफ़ प्रधान कभी भी ध्यान नही देते। बस कागजी पन्नों पर विकास की काली स्याही फैलाकर अधिकारीयों का ध्यान आकृषित करवाने मे
लगे हैं, जबकि क्षेत्र मे चारों तरफ दुश्वरियां ही दुश्वरियां हैं। काश जिम्मेदारो की नजरें यहाँ भी पड़ती जहाँ इन दुश्वरियों के चलते लोगों का जीना मुहाल है।
