देवीपाटन मंडल कार्यालय गोण्डा ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट
वजीरगंज (गोण्डा) वजीरगंज बाजार में मंगलवार देर रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मायके पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए पति सहित सात ससुरालीजनों के खिलाफ वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।वजीरगंज थाने के ठीक सामने स्थित एक मकान में मंगलवार रात करीब 09 बजे आंचल मोदनवाल (26) पत्नी सुजीत मोदनवाल का शव संदिग्ध हालात में मिला। सूचना मिलते ही सीओ तरबगंज यूपी सिंह और थानाध्यक्ष विपुल पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय गोंडा भेजा गया।अयोध्या जनपद के अमानीगंज मोहल्ला निवासी अभिषेक मोदनवाल पुत्र संतोष ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उसकी बहन आंचल का विवाह 08 फरवरी 2019 को वजीरगंज बाजार निवासी सुजीत मोदनवाल पुत्र जगदीश के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही आंचल को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा।पीड़ित के अनुसार, जब भी आंचल मायके आती थी, वह पति सुजीत, ससुर, सास दुर्गेश मोदनवाल, जेठ राकेश मोदनवाल, जेठानी, ननद कोमल और जूही द्वारा दहेज के लिए मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत करती थी। करीब एक वर्ष पूर्व वह अत्यधिक परेशान होकर मायके आ गई थी, लेकिन परिजनों के समझाने पर पुनः ससुराल चली गई थी।मंगलवार रात मृतका के जेठ द्वारा फोन पर सूचना दी गई कि आंचल की मौत हो चुकी है। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।थानाध्यक्ष विपुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर पति समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल है, वहीं पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वही मृतका के ससुर जगदीश मोदनवाल से बात करने पर पता चला कि उसका बड़ा बेटा राकेश मोदनवाल को घर से अलग कर दिया गया था और वह अलग दुकान भी करता था वही उनका छोटा बेटा मृतिका का पति सुरजीत मोदनवाल मानसिक रोग से पीड़ित है जिसका इलाज चल रहा है मैं अपने दुकान पर था और मेरी पत्नी पुराने मकान पर थी पति-पत्नी के बीच में अक्सर नोक झोक होती रहती थी पता चलने पर दोनों को समझते भी थे, दहेज की कोई बात ही नहीं थी ना ही कभी कोई डिमांड किया गया हम लोगों के द्वारा हमारे परिजनों को मृतक के परिजनों द्वारा फर्जी तरीके से फसाया जा रहा है जबकि मृतका आंचल मोदनवाल हम ही लोगों को प्रताड़ित करती रहती और घर में हमेशा विवाद पैदा करती रहती इसलिए हमने अपने बड़े बेटे राकेश मोदनवाल को अलग दुकान करवा दिया और परिवार से भी अलग रहता है, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर परिजनों का कोई हाथ होता तो मेरा बड़ा बेटा राकेश मोदनवाल पोस्टमार्टम करवाने गया था मनगढ़ंत कहानी बनकर हमें और हमारे पूरे परिवार पर रिश्तेदारों को फर्जी तरीके से फसाया जा रहा है
