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Ashcharychakit live tv news

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बलरामपुर जनपद के स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार का बोलबाला चरम पर खुलेआम मांगा जा रहा है लिपिक चतुर्थ कर्मचारी से पैसा में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली का वीडियो हो रहा है जमकर वायरल

ByPradeepkumargupta

Jan 28, 2026


     प्रदीप कुमार गुप्ता ( editor in chief )                                             अरविंद कुमार गुप्ता (voice editor )                                                  देवीमंडल कार्यालय गोण्डा                                   (ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट)

स्वास्थ्य विभाग में अवैध वसूली का गंभीर मामला,लिपिक पर ₹20 हजार घूस मांगने का था आरोप। विडियो वायरल होने के बावजूद जांच ठंडे बस्ते में,जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई। बलरामपुर जनपद के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली किए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी  सनी कुमार से संबंधित लिपिक  सौरभ दुबे द्वारा ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की अवैध मांग किए जाने का वीडियो सार्वजनिक हुआ था,जिसके बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री  बृजेश पाठक द्वारा लिपिक को निलंबित करते हुए, विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे।हालांकि,विभागीय जांच पूर्ण किए बिना ही निलंबन आदेश पारित किए, जाने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा लिपिक को बहाल करते हुए नियमानुसार जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य अपर निदेशक एवं उपनिदेशक,देवीपाटन मंडल (गोण्डा) द्वारा आज तक कोई प्रभावी एवं ठोस जांच नहीं कराई गई,जिससे विभागीय उदासीनता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।यह गंभीर मामला केंद्रीय राज्य मंत्री सांसद गोण्डा एवं निगरानी समिति बलरामपुर के अध्यक्ष  कीर्तिवर्धन सिंह राजा भैया की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित लिपिक को उसी स्थान पर तैनात रखने का कोई आदेश नहीं है,अतः उसका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद केवल औपचारिक प्रशासनिक स्थानांतरण कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।प्रकरण यहीं समाप्त नहीं होता। कई महीनों तक संबंधित लिपिक को चार्ज नहीं दिया गया और अत्यधिक पत्राचार के बाद जब चार्ज दिया गया,तब भी जानबूझकर  सनी कुमार एवं  विजय प्रताप सिंह की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) नहीं सौंपी गई। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है,बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।इस मामले को लेकर जनपद के सभी जनपद बलरामपुर के विधायकगण,जिला अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा निदेशक स्वास्थ्य को जांच कराने हेतु कई पत्र भेजे गए,जिनकी प्राप्ति की पुष्टि स्वयं निदेशक स्वास्थ्य द्वारा की जा चुकी है। बावजूद इसके,आज तक कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे संबंधित लिपिक का मनोबल बढ़ा हुआ है और उसकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है।भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डी.पी.सिंह बैस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में अवैध धन-वसूली की प्रवृत्ति व्यापक रूप से फैली हुई है,जिसके चलते विभागीय स्तर पर जानबूझकर कठोर कार्रवाई से बचा जा रहा है।उन्होंने मांग की है कि सेवा पुस्तिका जानबूझकर न दिए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए,पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लिपिक एवं उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने सांसद एवं निगरानी समिति अध्यक्ष से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।


जैनस इनीशिएटिव्स संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव द्वारा इस वर्ष जरूरतमंद एवं मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल आठ बच्चों को स्कॉलरशिप दी गई,
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन परिक्षेत्र में फर्जी विवेचना करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, और श्रावस्ती के थानों से जुड़े 13 दरोगा हुए निलंबित विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट, गोण्डा के अन्तिम आदेश दिनांक 17.01.2026 जिसके द्वारा वाद संख्या 1836/2025 सरकार बनाम विपिन सिंह अन्तर्गत धारा 3(1) उ०प्र० गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के प्रकरण में “विवेचनां के आधार पर विपक्षी के विरूद्ध न्यायालय द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस दिनांक19.06.2025 की पुष्टी करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के अधीन विपक्षी विपिन सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह निवासी अजबनगर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा को “गुण्डा” घोषित किया गया है, तथा विपक्षी को यह आदेश दिया गया है कि वह आगामी 06 माह की अवधि के लिए जनपद गोण्डा की सीमा से बाहर चला जाय और उक्त अवधि में जनपद की सीमा में बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं करेगा। जिला बदर की नोटिस तामील करते हुए थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विपिन सिंह को जनपद अयोध्या की सीमा में ले जाकर छोड़ गया   
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