प्रदीप कुमार गुप्ता (editor in chief) देवी पाटन मंडल कार्यालय गोण्डा ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट ।
अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। जिले में खनन माफियाओं का बोलबाला इस कदर बढ़ गया है कि दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के ढेमवाघाट, दुर्गागंज माझा से लेकर वजीरगंज के टिकरी बाजार तक अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।ताजा मामलासड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती ट्रालियां खुद इस गोरखधंधे की गवाही दे रही हैं, लेकिन टिकरी बाजार का है, जहां
खनन माफिया राजन यादव द्वारा जेसीबी लगाकर दिन में ही अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। शिकायतों के बाद भी अधिकारी केवल “जांच कराएंगे” कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के लिदेहना गांव में नकटा घाट पुल के पास बीते एक सप्ताह से रैपर मशीन से लगातार खनन कर मिट्टी बेची जा रही है। ग्रामीणों ने कई बार पुलिस को सूचना दी, लेकिन नतीजा शून्य रहा।सूत्र बताते हैं कि टिकरी बाजार स्थित आशीर्वाद मैरिज हाल के पास खनन की सूचना पर लेखपाल दीपक त्रिपाठी मौके पर पहुंचे भी, लेकिन खनन माफिया प्रशासन से एक कदम आगे निकले और साक्ष्य जुटने से पहले ही फरार हो गए।सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिला खनन अधिकारी अभय रंजन जनता के फोन तक नहीं उठाते, जिससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदारों की निष्क्रियता ही माफियाओं की ताकत बन चुकी है। नतीजा यह है कि धरती का सीना रोज छलनी हो रहा है और राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह अवैध खनन का खेल?क्या प्रशासन माफियाओं पर शिकंजा कसेगा या फिर सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा? वहीं सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग की मिली भगत से चल रहा है अवैध गोरख धंधा योगी सरकार की पुलिस और राजस्व टीम करवा रही है अवैध खनन जिम्मेदार कौन है
