वजीरगंज गोंडा,। जनपद के वजीरगंज ब्लॉक में ग्राम प्रधानों द्वारा मनरेगा मजदूर की फर्जी हाजिरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी की मिली भगत से फर्जी हाजिरी लगाकर इस क्षेत्र में मजदूरों के खाते में आया पैसा 100 200 रुपया देकर मजदूरों से अंगूठा लगवा कर पूरा पैसा ले लिया जाता है, जहां एक तरफ मोदी और योगी सरकार लगातार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों क के साथ बैठक कर कड़े निर्देश दे रहे हैं वही गोंडा जनपद के जिम्मेदार अधिकारी कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। जिला मुख्यालय पर बैठे अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा घोटालों को अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। जिसका जीता जागता सबूत ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत किसी भी ग्राम सभा में देखा जा सकता है जनपद के अधिकारी विकास करो के गांव में फर्जी हाजिरी व बिना कार्य के भुगतान कराई जा रहे हैं शिकायतें होने पर सारे नियम कानून को ताक पर रखकर नियम कानून के धजिया उड़ा रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप दिन प्रतिदिन घोटाले बढ़ते जा रहे हैं मनरेगा के अंतर्गत कागजों पर एक काम चलाए जा रहे हैं। वास्तविकता तो यह है मनरेगा श्रमिकों हाजिरी लगती रहती है लेकिन धरातल पर एक भी श्रमिक कार्य नहीं कर रहे हैं। वही इस संबंध में जब डीसी मनरेगा से मौखिक रूप से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो डीसी महोदय फोन उठाने की हिमाकत नहीं करते हैं।विश्वास सूत्रों से पता चला एक मनरेगा मजदूर को 237 रुपए मिलता है। सभी ग्राम सभा प्रधानों द्वारा अपने-अपने तरीके से काम कराया जा रहा है ।और मजदूरों की खाते में आया पैसा अंगूठा लगवा कर निकलवा लिया जाता है 100, 200 देकर अतिरिक्त पैसों का बंदर वाट किया जाता है।
