Ashcharychakit live TV news editor in chief की खास रिपोर्ट ::=
देवीपाटन मंडल गोण्डा ब्यूरो रिपोर्ट
विकासखंड वजीरगंज मैं संचालित स्कूलों की बिना मान्यता की चल रहे स्कूलों पर और शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन ने कसा शिकंजा ! वजीरगंज क्षेत्र में बिना मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे, पांच स्कूलों को बीईओ हेमलता तिवारी ने सोमवार को बंद करा दिया। पुलिस टीम के साथ पहुंचीं बीईओ ने एनए पब्लिक स्कूल हवाइयां उड़ती नजर आ रही है अचलपुर, डायमंड एकेडमी धनेश्वरपुर, एसआरपी पब्लिक स्कूल पूरेडाढू, ईश्वरचंद्र विद्यासागर स्कूल चंदहा और लखनऊ कान्वेंट स्कूल गेड़सर में ताले लगवाए।संचालकों को दो टूक चेतावनी दी गई कि अगर दोबारा स्कूल खोला गया तो सीधा प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामकेश भारती अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद है कि जनपद की जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जिले में चल रहे अवैध स्कूलों पर सख्ती का आदेश जारी किया था। शिक्षा माफियाओं द्वारा जनपद की जिलाधिकारी के आदेश को नजरअंदाज करने पर जिलाधिकारी महोदय ने हाल ही में बीएसए का वेतन तक रोक दिया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया और अमान्य स्कूलों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। इन शिक्षा माफिया का शासन और प्रशासन का कोई डर नजर नहीं आ रहा मनमानी ढंग से एडमिशन फीस हर सत्र में लिए जाता है वही किताबें दुकानदारों की सेटिंग से 50 से 60% कमीशन पर अभिभावक खरीदने पर मजबूर है शिक्षा माफियाओं का खेल यहीं खत्म नहीं होता सत्र में चार बार परीक्षा शुल्क ड्रेस में 40 से 50% का कमीशन चुनिंदा दुकानदारों को स्कूल संचालक द्वारा किताबों का ड्रेस का विजिटिंग कार्ड दिया जाता है और मनमानी ढंग से वहां शुल्क भी वसूला जा रहा है और अभिभावक मूकदर्शक बनकर इन शिक्षा माफिया का शिकार बनती जा रहे हैं, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हो रहा मान्यता पांचवी और आठवीं तक की है और विद्यालय स्कूल इंटर तक संचालित किया जा रहा है, हर सत्र में विद्यालय संचालकों द्वारा नए सिलेबस की किताबें बदल दी जाती हैं जिससे गरीबों के बच्चे छोटे क्लास से बड़े क्लास में गए बच्चों की किताबें आधार प्रदान न कर सके, जनपद की सबसे तेज जिलाधिकारी नेहा शर्मा क्या इन शिक्षा में वाक्य पर नकेलकस पाएंगे शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि फर्जी स्कूल माफिया कब तक सुधरते हैं!
