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Ashcharychakit live tv news

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शासन प्रशासन मौत के सौदागरों की नहीं कश पा रही कोई शिकंजा ताजा तस्वीर, खुलेआम बिक रही है, नकली पनीर मार्केट में क्या आपको पता है कि आपकी लिवर, किडनी,हार्ड साइलेंट अटैक जैसी बीमारियां आप सभी के मौत का कारण बना बाजार में बिकने वाला नकली पनीर खाने वाले शौकीन शायद नहीं जानते की मार्केट में बिकने वाला पनीर कैसे बनता है, असली कहानी

ByPradeepkumargupta

Aug 23, 2025


Ashcharychakit live TV news ki Khas report अशोक कुमार गुप्ता/ अरविंद कुमार गुप्ता                         देवीपाटन मंडल कार्यालय                                            ब्यूरो रिपोर्ट गोण्डा                                                 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हाई -वे पर किसी सस्ते ढाबे में खाना                                                                             खाइये, menu में कम से कम 6 आइटम पनीर के होंगे। 5 स्टार होटल में जाइये, वेजीटेरियन सेक्शन में 60% डिशेज़ पनीर की होती है।30 रु में 6 पनीर मोमोज मिलते हैं?50 रु में पनीर पिज़्ज़ा?100 रु में बटर पनीर ?40 रु मे पनीर कुलचा?आइये जानते है की पनीर का अर्थशास्त्र70 रु में 1 लीटर अमूल का full क्रीम दूध आता है, जिसमे से करीब 200 ग्राम पनीर मिलता है। इस हिसाब से यदि 1किलो पनीर बनाना हो तो आपको 5 लीटर दूध की आवश्यकता पड़ेगी जिसकी कीमत 350 रु होगी। यानी अगर असली दूघ का पनीर बनाया जाए तो उसकी लागत कम से कम 350 रु तो होगी ही, फुटकर रूप में यदि ये मान लिया जाते कि दूध का फैक्ट्री मूल्य 50 रु प्रति लीटर भी हो तो भी 250 रु सिर्फ दूध की लागत होगी। अब यदि इसमें लेबर cost, गैस, ईंधन जोड़ लिया जाए तो ये लागत 60 रु पहुंच जायेगी। अब यदि इसमें सप्लाई chain, लॉजिस्टिक भी जोड़ लिया जाए तो ये लागत 63 रु पहुंच जाती है।यानी कि कम से कम 315 रु का एक किलो पनीर अब यदि कोई दुकानदार इसे 10% प्रॉफिट पर भी बेचे जो कि इससे कहीं ज्यादा पर बेचता है तो ग्राहक को ये लागत कम से कम 345 से 350 रु प्रति किलो पड़नी चाहिए। अब यदि आप कोई पनीर 200 रु किलो या 250 रु किलो के भाव से खरीदते हैं तो क्या दुकानदार ने दानखाता खोल रखा है जो लागत से भी 25% कम पर आपको पनीर बेचेगा? असली पनीर की कीमत और मात्रा जाननी है तो घर पर पनीर बना कर देखिए अंदाज़ा हो जायेगा। फिर आता है एनालॉग पनीर …यानी पनीर जैसा दिखने वाला और पनीर के टेक्सचर जैसा पदार्थ जिसके मूल इंग्रेडिएंट्स पाउडर का दूध, वनस्पति फैट, पाम आयल, अरारोट, स्टेबलाइजर और डेवलपिंग एजेंट्स होते हैं। अब चूंकि पाउडर मिल्क में फैट नही होता तो उसके लिए डालडा और पाम आयल मिलाया जाता है जिससे घनत्व बढ़ जाये। ये वही तेल हैं तो आर्टरी में जम जाते हैं ।ये एनालॉग पनीर आपको बड़े बड़े 5 star होटल में भी मिलता है चाहे आप पनीर टिक्का खा रहे हों या पनीर दो प्याजा.. उससे भी निचली श्रेणी में आता है यूरिया, डिटर्जेंट और मैदे के घोल से बना पनीर.. यानी वो पनीर जिसे आप 30 रु के 6 मोमोज़ में स्वाद लेकर खाते है या फिर 50 रु में पनीर लोडेड पिज़्ज़ा बर्गर में खाते हैं। ये यूरिया सीधे आपकी किडनी और लीवर पर घात लगाता है साथ ही लंबे समय तक खाने पर जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है। भारत मे प्रति दिन दूध का उत्पादन 64 करोड़ लीटर होता है। इस सारे दूध को फाड़कर यदि पनीर बना दिया जाए तो करीब 1 करोड़ 20 लाख किलो पनीर बन सकता है। लेकिन प्रति दिन पनीर की खपत करीब करीब 15000 टन है। क्या ये संभब है कि 1 करोड़ 50 लाख किलो पनीर 64 करोड़ लीटर दूध से बन पाए?बाजार में मिलने वाला 80% से भी ज्यादा पनीर नकली है। इसने रोड साइड से लेकर 5 स्टार होटल भी नकली पनीर खिला रहेहाईवे पर किसी सस्ते ढाबे में खाना खाइये, menu में कम से कम 6 आइटम पनीर के होंगे। 5 स्टार होटल में जाइये, वेजीटेरियन सेक्शन में 60% डिशेज़ पनीर की होती है।30 रु में 6 पनीर मोमोज मिलते हैं?50 रु में पनीर पिज़्ज़ा?100 रु में बटर पनीर ?40 रु मे पनीर कुलचा?आइये जानते है की पनीर का अर्थशास्त्र70 रु में 1 लीटर अमूल का full क्रीम दूध आता है, जिसमे से करीब 200 ग्राम पनीर मिलता है। इस हिसाब से यदि 1किलो पनीर बनाना हो तो आपको 5 लीटर दूध की आवश्यकता पड़ेगी जिसकी कीमत 350 रु होगी। यानी अगर असली दूघ का पनीर बनाया जाए तो उसकी लागत कम से कम 350 रु तो होगी ही, फुटकर रूप में यदि ये मान लिया जाते कि दूध का फैक्ट्री मूल्य 50 रु प्रति लीटर भी हो तो भी 250 रु सिर्फ दूध की लागत होगी। अब यदि इसमें लेबर cost, गैस, ईंधन जोड़ लिया जाए तो ये लागत 60 रु पहुंच जायेगी। अब यदि इसमें सप्लाई chain, लॉजिस्टिक भी जोड़ लिया जाए तो ये लागत 63 रु पहुंच जाती है।यानी कि कम से कम 315 रु का एक किलो पनीर अब यदि कोई दुकानदार इसे 10% प्रॉफिट पर भी बेचे जो कि इससे कहीं ज्यादा पर बेचता है तो ग्राहक को ये लागत कम से कम 345 से 350 रु प्रति किलो पड़नी चाहिए। अब यदि आप कोई पनीर 200 रु किलो या 250 रु किलो के भाव से खरीदते हैं तो क्या दुकानदार ने दानखाता खोल रखा है जो लागत से भी 25% कम पर आपको पनीर बेचेगा? असली पनीर की कीमत और मात्रा जाननी है तो घर पर पनीर बना कर देखिए अंदाज़ा हो जायेगा। फिर आता है एनालॉग पनीर …यानी पनीर जैसा दिखने वाला और पनीर के टेक्सचर जैसा पदार्थ जिसके मूल इंग्रेडिएंट्स पाउडर का दूध, वनस्पति फैट, पाम आयल, अरारोट, स्टेबलाइजर और डेवलपिंग एजेंट्स होते हैं। अब चूंकि पाउडर मिल्क में फैट नही होता तो उसके लिए डालडा और पाम आयल मिलाया जाता है जिससे घनत्व बढ़ जाये। ये वही तेल हैं तो आर्टरी में जम जाते हैं ।ये एनालॉग पनीर आपको बड़े बड़े 5 star होटल में भी मिलता है चाहे आप पनीर टिक्का खा रहे हों या पनीर दो प्याजा.. उससे भी निचली श्रेणी में आता है यूरिया, डिटर्जेंट और मैदे के घोल से बना पनीर.. यानी वो पनीर जिसे आप 30 रु के 6 मोमोज़ में स्वाद लेकर खाते है या फिर 50 रु में पनीर लोडेड पिज़्ज़ा बर्गर में खाते हैं। ये यूरिया सीधे आपकी किडनी और लीवर पर घात लगाता है साथ ही लंबे समय तक खाने पर जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है। भारत मे प्रति दिन दूध का उत्पादन 64 करोड़ लीटर होता है। इस सारे दूध को फाड़कर यदि पनीर बना दिया जाए तो करीब 1 करोड़ 20 लाख किलो पनीर बन सकता है। लेकिन प्रति दिन पनीर की खपत करीब करीब 15000 टन है। क्या ये संभब है कि 1 करोड़ 50 लाख किलो पनीर 64 करोड़ लीटर दूध से बन पाए?बाजार में मिलने वाला 80% से भी ज्यादा पनीर नकली है।इसने रोड साइड से लेकर 5 स्टार होटल भी नकली पनीर खिला रहे हैं। क्या वजह है कि पिछले 30 सालों मे लीवर और किडनी की बीमारी में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है?कभी जाकर देखिए छोटी छोटी गलियों के भीतर उबलते हुए उन भगोनों को जिनमे यूरिया उबल रहा है। जो लोग उसे बना रहे हैं उनसे कहिये की अपने बने पनीर को खाकर दिखाएं।अगली बार जब आप किसी होटल में पनीर की डिश आर्डर करें तो कहिएगा एक टुकड़ा कच्चा पनीर लाकर आपको दिखाएं।शर्त लगा सकता हूँ कि वो हज़ार बहाने बनाएंगे। इसे मैं आज़मा कर देख चुका हूँ। एक रेस्टोरेन्ट वाले ने तो ये भी कह दिया कि आपको खाना है तो खाओ वरना जाओ..लेकिन हम सैंपल नही दिखाएंगे।मिल्क प्रोडक्ट सबसे बड़े scam हैं आज की तारिख़ में दुर्भाग्य से सरकार भी कुछ नही कर पा रही। नकली प्रोडक्ट हर दिन पकड़े जाते हैं लेकिन हमारे कानून में उसके लिए कुछ जुर्माना या छोटी मोटी सज़ा होती है। उनसे होने वाली लाखों इनडाइरेक्ट मौतों का जिम्मेदार उन्हें नही माना जाता। सिर्फ एक ही उपाय है जागरूकता और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वरना इंसान कीड़े मकोड़ों की तरह मरेंगे ओर कीड़े मकोड़े लंबे जिएंगे।हैं। क्या वजह है कि पिछले 30 सालों मे लीवर और किडनी की बीमारी में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है?कभी जाकर देखिए छोटी छोटी गलियों के भीतर उबलते हुए उन भगोनों को जिनमे यूरिया उबल रहा है। जो लोग उसे बना रहे हैं उनसे कहिये की अपने बने पनीर को खाकर दिखाएं। अगली बार जब आप किसी होटल में पनीर की डिश आर्डर करें तो कहिएगा एक टुकड़ा कच्चा पनीर लाकर आपको दिखाएं।शर्त लगा सकता हूँ कि वो हज़ार बहाने बनाएंगे। इसे मैं आज़मा कर देख चुका हूँ। एक रेस्टोरेन्ट वाले ने तो ये भी कह दिया कि आपको खाना है तो खाओ वरना जाओ..लेकिन हम सैंपल नही दिखाएंगे।मिल्क प्रोडक्ट सबसे बड़े scam हैं आज की तारिख़ में दुर्भाग्य से सरकार भी कुछ नही कर पा रही। नकली प्रोडक्ट हर दिन पकड़े जाते हैं लेकिन हमारे कानून में उसके लिए कुछ जुर्माना या छोटी मोटी सज़ा होती है। उनसे होने वाली लाखों इनडाइरेक्ट मौतों का जिम्मेदार उन्हें नही माना जाता। सिर्फ एक ही उपाय है जागरूकता और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वरना इंसान कीड़े मकोड़ों की तरह मरेंगे ओर कीड़े मकोड़े लंबे जिएंगे। अगर समय रहते  नकली पनीर बनाने वाले शासन और प्रशासन किस खतरनाक खेल को नहीं रोका गया तो वह दिन दूर नहीं कि अस्पतालों में पनीर खाने के शौकीनों मौत का तांडव नजर आएगा, जिसका जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग से लेकर सभी आला अधिकारी होंगे मौत की जिम्मेदार इन नकली पनीर बनाने वालों कोई योगी सरकार का कोई भय नहीं है सारे नियम कानून को ताप पर रखकर खुलेआम बाजारों में देखा जा रहा है जिसकी शुद्ध लेने वाला कोई नहीं है,


जैनस इनीशिएटिव्स संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव द्वारा इस वर्ष जरूरतमंद एवं मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल आठ बच्चों को स्कॉलरशिप दी गई,
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन परिक्षेत्र में फर्जी विवेचना करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, और श्रावस्ती के थानों से जुड़े 13 दरोगा हुए निलंबित विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट, गोण्डा के अन्तिम आदेश दिनांक 17.01.2026 जिसके द्वारा वाद संख्या 1836/2025 सरकार बनाम विपिन सिंह अन्तर्गत धारा 3(1) उ०प्र० गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के प्रकरण में “विवेचनां के आधार पर विपक्षी के विरूद्ध न्यायालय द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस दिनांक19.06.2025 की पुष्टी करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के अधीन विपक्षी विपिन सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह निवासी अजबनगर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा को “गुण्डा” घोषित किया गया है, तथा विपक्षी को यह आदेश दिया गया है कि वह आगामी 06 माह की अवधि के लिए जनपद गोण्डा की सीमा से बाहर चला जाय और उक्त अवधि में जनपद की सीमा में बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं करेगा। जिला बदर की नोटिस तामील करते हुए थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विपिन सिंह को जनपद अयोध्या की सीमा में ले जाकर छोड़ गया   
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