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Ashcharychakit live tv news

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अब सड़क दुर्घटना मुआवजा दावा अगर देर से दाखिल किया जाता है, तो उसे खारिज नहीं किया जाएगा। यह आदेश देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला उन पीड़ितों के लिए राहत लेकर आया

ByPradeepkumargupta

Nov 12, 2025


प्रदीप कुमार गुप्ता                                                                        नई दिल्ली। ब्यूरो की खास रिपोर्ट,                                                         (एजेंसी रिपोर्ट)                                              देश की सर्वोच्च न्यायालय ने आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को लेकर घटना में पीड़ित परिवारों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अब सड़क दुर्घटना मुआवजा दावा अगर देर से दाखिल किया जाता है, तो उसे खारिज नहीं किया जाएगा। यह आदेश उन पीड़ितों के लिए राहत लेकर आया है जो किसी कारणवश समय पर दावा दाखिल नहीं कर पाए थे, आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने दिया। दरअसल, 2019 में मोटर व्हीकल्स एक्ट में एक संशोधन किया गया था, जिसमें धारा 166(3) जोड़ी गई थी। इस धारा के तहत दुर्घटना के छह महीने के भीतर मुआवजे का दावा दाखिल किया जा सकता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रावधान पर रोक लगाते हुए कहा कि जब तक इस मामले पर अंतिम सुनवाई नहीं होती, तब तक किसी भी याचिका को सिर्फ देरी के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा।याचिकाकर्ताओं ने इस समय सीमा को अनुचित बताते हुए कहा था कि मोटर व्हीकल्स एक्ट का उद्देश्य पीड़ितों को राहत देना है, न कि उन्हें मुआवजे से वंचित करना। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को माना और पीड़ितों को राहत दी।साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्प्लिट मल्टीप्लायर पद्धति पर भी रोक लगा दी, जिसके तहत मुआवजे की गणना दो हिस्सों में की जाती थी। कोर्ट ने कहा कि उम्र या सेवानिवृत्ति को आधार बनाकर मुआवजा घटाना गलत है। अब मुआवजा मृतक की वास्तविक आय के आधार पर तय किया जाएगा।


जैनस इनीशिएटिव्स संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव द्वारा इस वर्ष जरूरतमंद एवं मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल आठ बच्चों को स्कॉलरशिप दी गई,
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन परिक्षेत्र में फर्जी विवेचना करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, और श्रावस्ती के थानों से जुड़े 13 दरोगा हुए निलंबित विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट, गोण्डा के अन्तिम आदेश दिनांक 17.01.2026 जिसके द्वारा वाद संख्या 1836/2025 सरकार बनाम विपिन सिंह अन्तर्गत धारा 3(1) उ०प्र० गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के प्रकरण में “विवेचनां के आधार पर विपक्षी के विरूद्ध न्यायालय द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस दिनांक19.06.2025 की पुष्टी करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के अधीन विपक्षी विपिन सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह निवासी अजबनगर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा को “गुण्डा” घोषित किया गया है, तथा विपक्षी को यह आदेश दिया गया है कि वह आगामी 06 माह की अवधि के लिए जनपद गोण्डा की सीमा से बाहर चला जाय और उक्त अवधि में जनपद की सीमा में बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं करेगा। जिला बदर की नोटिस तामील करते हुए थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विपिन सिंह को जनपद अयोध्या की सीमा में ले जाकर छोड़ गया   
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