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Ashcharychakit live tv news

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राष्ट्रीय प्रेस दिवस हमें यह भी याद दिलाता है, कि प्रेस की आज़ादी सरकारों के दान से नहीं, पत्रकारों के साहस से मिलती है। नई चुनौती डिजिटल शोर में सच खोजी पत्रकारिता लोकतंत्र का ऑक्सीजन, आज जब सत्ता की परतें मोटी और अपारदर्शी होती जा रही हैं, तब खोजी पत्रकारिता लोकतंत्र की वह ऑक्सीजन है, जो बेनकाब करती है, सवाल पूछती हम कठिन रास्ता चुनेंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं। कलम की लौ बुझे नहीं तभी लोकतंत्र की रोशनी बचेगी।

ByPradeepkumargupta

Nov 17, 2025


प्रदीप कुमार गुप्ता/ अरविंद कुमार गुप्ता                           देवीपाटन मंडल कार्यालय गोण्डा                                            ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोर्ट

Nirbhik Aur sacche khabron Ke Liye ashcharya chkit live TV news  digital media website पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले इच्छुक अभ्यर्थी संपर्क करें निर्भीक पत्रकारिता के लिए आपका अपना डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म सदैव आपकी सेवा में तत्पर अपने व्यापार को प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापन के लिए संपर्क करें,

आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस है,वह दिन जब हम सिर्फ पत्रकारिता का उत्सव नहीं मनाते, बल्कि उसके मूल धर्म, उसकी रीढ़ और उसकी मर्यादा को भी याद करते हैं। यह दिन हमें बताता है कि प्रेस सिर्फ समाचार का कारोबार नहीं, बल्कि समाज का आईना, सत्ता का संतुलन और जनता की आवाज का प्रहरी है। लेकिन क्या आज यह प्रहरी उतना ही निर्भीक, उतना ही स्वतंत्र और उतना ही सजग है, जितना संविधान निर्माताओं ने कल्पना की थी? यही प्रश्न खोजी पत्रकारिता की आत्मा को झकझोर देता है।सत्ता का दबाव, बाजार का प्रलोभन,फिर भी सच का आखिरी किला पत्रकारिता हीसमाचार कक्षों में महीन-सा डर तैरता है। फोन आते हैं—किससे खबर हटवानी है, किसे बचाना है, किसे उछालना है। विज्ञापन के नाम पर सौदे होते हैं। लेकिन इन सबके बीच भी कुछ पत्रकार ऐसे हैं जो अभी भी ‘सही’ को सही और ‘गलत’ को गलत लिखने का हौसला रखते हैं। राष्ट्रीय प्रेस दिवस उनका सम्मान है उन रिपोर्टरों का जिन्हें सच्चाई लिखने की कीमत कभी निलंबन, कभी बदली, कभी मुकदमे और कभी धमकियों में चुकानी पड़ती है।जब खबरें बिकती हैं तो समाज खामोश होता है,समस्या यह नहीं कि खबरें लिखी नहीं जा रहीं, समस्या यह है कि खबरें तय की जा रही हैं।किसे दिखाना है? किसे छिपाना है? किसे चमकाना है? किसे मिटाना है? और इसी बीच असली मुद्दे गांव का सूखा, खेत का कर्ज, शहर की बदहाली, भ्रष्ट तंत्र की सड़ांध सब धुएँ में उड़ जाते हैं।खोजी पत्रकारिता: लोकतंत्र का ऑक्सीजन आज जब सत्ता की परतें मोटी और अपारदर्शी होती जा रही हैं, तब खोजी पत्रकारिता लोकतंत्र की वह ऑक्सीजन है जो बेनकाब करती है, सवाल पूछती है और जनता के हक में खड़ी रहती है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि प्रेस की आज़ादी सरकारों के दान से नहीं, पत्रकारों के साहस से मिलती है।नई चुनौती : डिजिटल शोर में सच की धीमी आवाज फेक न्यूज़, ट्रॉल आर्मी, आईटी सेल, पेड कैंपेन डिजिटल युग ने पत्रकारिता की लड़ाई को और कठिन बना दिया है।सच बोलने वाला पत्रकार आज सिर्फ दबाव का ही नहीं, डिजिटल भीड़ के हमले का भी सामना करता है। लेकिन फिर भी सच हमेशा अपनी राह बनाता है, भले ही वह धीमे कदमों से चले।क्या चाहिए?साहस, संवेदना और स्वतंत्रता राष्ट्रीय प्रेस दिवस का यह संपादकीय एक सवाल छोड़ता है,क्या हम ऐसी पत्रकारिता चाहते हैं जो सत्ता के आगे नतमस्तक हो जाए, या हम वह पत्रकारिता चाहते हैं, जो जनता के लिए जोखिम उठाए? उत्तर साफ है।लोकतंत्र को बचाना है, तो सच लिखने वालों को बचाना होगा।अंत मे राष्ट्रीय प्रेस दिवस सिर्फ एक दिन नहीं एक प्रतिज्ञा है।कि हम झूठ के शोर में सच की धीमी आवाज को कभी खोने नहीं देंगे। कि हम कठिन रास्ता चुनेंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं। कि कलम की लौ बुझे नहीं तभी लोकतंत्र की रोशनी बचेगी।


जैनस इनीशिएटिव्स संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव द्वारा इस वर्ष जरूरतमंद एवं मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल आठ बच्चों को स्कॉलरशिप दी गई,
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन परिक्षेत्र में फर्जी विवेचना करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, और श्रावस्ती के थानों से जुड़े 13 दरोगा हुए निलंबित विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट, गोण्डा के अन्तिम आदेश दिनांक 17.01.2026 जिसके द्वारा वाद संख्या 1836/2025 सरकार बनाम विपिन सिंह अन्तर्गत धारा 3(1) उ०प्र० गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के प्रकरण में “विवेचनां के आधार पर विपक्षी के विरूद्ध न्यायालय द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस दिनांक19.06.2025 की पुष्टी करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के अधीन विपक्षी विपिन सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह निवासी अजबनगर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा को “गुण्डा” घोषित किया गया है, तथा विपक्षी को यह आदेश दिया गया है कि वह आगामी 06 माह की अवधि के लिए जनपद गोण्डा की सीमा से बाहर चला जाय और उक्त अवधि में जनपद की सीमा में बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं करेगा। जिला बदर की नोटिस तामील करते हुए थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विपिन सिंह को जनपद अयोध्या की सीमा में ले जाकर छोड़ गया   
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