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क्षेत्र के लेखपालों ने की प्रदेश के मुखिया से न्याय की गुहार उप जिला अधिकारी तरबगंज लेखपाल संघ की जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी ने संघ के पदाधिकारी के साथ मिलकर दिया ज्ञापन

ByPradeepkumargupta

Jan 5, 2025


देवीपाटन मंडल गोण्डा।                                          उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की एक बैठक तरबगंज तहसील पर जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी की अध्यक्षता में की गई। जिसमें लेखपालों की समस्याओं को लेकर उप जिलाधिकारी विशाल कुमार को ज्ञापन दिया, जो कि जिला अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक लेखपालों का उत्पीड़न के संबंध में दिया गया। लेखपाल संघ की जिला अध्यक्ष ने बताया कि गोंडा जनपद ही नहीं संपूर्ण उत्तर प्रदेश में लेखपालों को  साजिशन / झूठा फंसाये जाने की नीयत से साधारण शिकायत के आधार पर एण्टी करप्शन / विजिलेन्स टीम द्वारा जबरन ट्रैप की कार्यवाही पर शीघ्र  रोक लगाये जाने की मांग शासन से की है। दीपक त्रिपाठी ने लेखपालों की पीड़ा और उनके साथ किया जा रहे षड्यंत्र के संबंध में बताया कि लेखपाल राजस्व विभाग का फील्ड कर्मचारी है। जिसका सम्बन्ध जनता से सीधे होता है। जनता की भूमि विवाद सहित अधिकांश समस्याओं से सम्बन्धित संदर्भ निस्तारण हेतु लेखपाल के पास ही आते हैं। दो पक्षों के विवाद के निस्तारण सम्बन्धी की गयी कार्यवाही से किसी एक पक्ष का असंतुष्ट होना स्वाभाविक है। पंचायत / विकास विभाग की विविध योजनाओं हेतु भूमि उपलब्ध कराने एवं अवैध अतिक्रमण की स्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही से भी अतिचारी / प्रभावित व्यक्तियों के परिवार लेखपाल से दुश्मनी ठान लेता है और लेखपाल को क्षेत्र की राजनीति में घसीटने का भी प्रयास किया जाता है। इस प्रकार विधि विरूद्ध कार्य कराने में असफल एवं विविध कारणों से असंतुष्ट व्यक्ति लेखपालों के खिलाफ साजिश करके एण्टी करप्शन टीम द्वारा पकड़वाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। सामान्य शिकायत के आधार पर वास्तविक तथ्यों का परीक्षण किए।बगैर शिकायतकर्ता को उकसाकर स्वयं बोल बोल कर शिकायती प्रार्थनापत्र लिखवाया जाता है।और प्री ट्रैप जांच की कागजी औपचारिकता कर उसी दिन अथवा अगले दिन लेखपाल को फंसाने के विविध प्रयास करके गिरफ्तार कर लिया जाता है। अधिकांश प्रकरणों में शिकायत पत्र में उल्लिखित कार्य लेखपाल से सम्बन्धित भी नहीं होता है और न ही लेखपाल द्वारा कोई रिश्वत की मांग की गयी होती है। लेखपाल को सामने मिलने पर शिकायतकर्ता द्वारा जबरन उसकी जेब / हाथ / वाहन / कक्ष में पैसा रख दिया जाता है। टीम द्वारा जबरन पकड़कर लेखपाल के हाथ में पैसा रखवाकर अथवा पाउडर लगाकर अथवा अपने पाउडर लगे हाथ से लेखपाल का हाथ पकड़कर, पानी के गिलास में धुलवाये जाते हैं।  ऐसी  कई घटनाओं में तो दलालों / साजिशकर्ताओं द्वारा पैसा लेने के आधार पर लेखपाल को बिना रिश्वत स्वीकार किये ही गिरफ्तार किया जा रहा है। दिनांक 02.01.2025 जनपद गाजीपुर की तहसील कासिमाबाद में लेखपाल को जबरन ट्रैप की घटना कारित की गयी। जैसा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से स्पष्ट हो रहा है कि सम्बन्धित लेखपाल, शिकायतकर्ता के गाँव से कई 2-2.5 किमी दूर दूसरे गाँव में अनेको ग्रामवासियों की उपस्थिति में पैमाईश कर रहा था। इसी मध्य शिकायतकर्ता ने आकर लेखपाल की जेब में पैसा डाल दिया। जिसे लेखपाल ने नाराज हुए बाहर निकाल कर वापस दिया। इतने में ही एण्टी करप्शन की टीम द्वारा लेखपाल को उठा लिया गया। वीडियों में स्पष्ट रूप से ग्रामवासी बोल रहे हैं।कि लेखपाल ने कोई पैसा नहीं लिया है अपितु पैमाईश का कैलकुलेशन कर रहाथाऔरशिकायतकर्ता  ने जबरन लेखपाल की जेब में पैसा रखकर एण्टी करप्शन से पकडवाया है। सैकड़ो ग्रामवासी उक्त झूठे ट्रैप का विरोध करते हुए थाने पर भी पहुँच गये थे जिससे स्पष्ट होता है कि लेखपाल भ्रष्ट प्रवृत्ति का नहीं है।इसी क्रम में दूसरी घटना प्रदेश मुख्यालय लखनऊ की तहसील सरोजनीनगर में सर्तकता अधिष्ठान के कर्मचारी के रिश्तेदार द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा एवं अवैध प्लाटिंग करने की जांच लेखपाल द्वारा (मण्डलायुक्त  के निर्देशन में जनपद में चलाये जा रहे एण्टी भू माफिया एवं अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान के अन्तर्गत) किये जाने के कारण लेखपाल को फर्जी रूप से दिनांक 31.12.2024 को ट्रैप करवा दिया गया। सर्तकता अधिष्ठान के उक्त कर्मचारी द्वारा पूर्व में लेखपाल को ट्रैप करने की धमकी दी गयी थी।जिसकी सूचना लेखपाल द्वारा उच्चाधिकारियों को तत्समय ही दे दी गयी थी। अधिकारियों द्वारा ससमय आवश्यक कार्यवाही न करने के कारण एक सप्ताह बाद लेखपाल को फर्जी रूप से ट्रैप करवा दिया गया।दिनांक 04.10.2024 को जनपद महाराजगंज में लेखपाल द्वारा न कोई रिश्वत मांगी गयी और न ही रिश्वत प्राप्त की गयी फिर भी एक दलाल / साजिशकर्ता को पैसा पकड़ाकर उसका सम्बन्ध लेखपाल से बताते हुए जबरन लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। विरोध किये जाने पर एण्टी करप्शन टीम द्वारा सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया कि लेखपाल द्वारा कोई पैसा नहीं लिया गया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।इस प्रकार के साजिशन / झूठा फंसाने की अनेकों घटनाएं हो चुकी है। जहां जहां घटनाएं कैमरों में कैद हो गयी हैं, वहां वहां सोशल मीडिया पर झूठा फंसाने सम्बन्धी तथ्य उजागर हुए हैं किन्तु लेखपाल फील्ड का कर्मचारी होने के कारण उसके साथ झूठा फंसाने के तथ्य सामान्यतः कैमरों में कैद नहीं हो पाते हैं। ईमानदार लेखपाल / कर्मचारी भी वर्तमान परिवेश में भय के कारण जनसामान्य से दूर होता जा रहा है। और सही कार्य करने में भी डर रहा है। जिससे सरकार एवं सरकारी कर्मचारियों की छवि धूमिल हो रही है। और आम जनता में सरकार एवं सरकारी सिस्टम के प्रति अविश्वास एवं नकारात्मकता का भाव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के लेखपालों में झूठी घटनाओं के कारण आकोश व्याप्त है।उ०प्र० लेखपाल संघ भ्रष्टाचार का विरोधी है। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार पर रोक लगाया जाना स्वच्छ प्रशासन एवं कल्याणकारी राज्य के लिए आवश्यक है किन्तु टार्गेट पूरा करने अथवा जनसामान्य में सरकारी कर्मचारियों की छवि खराब करने के उद्देश्य से किसी भी लेखपाल/कर्मचारी को साजिशन फंसाया जाना अथवा सामान्य शिकायत मात्र के आधार पर जबरन गिरफ्तार किया जाना कर्मचारी एवं उसके परिवार के भविष्य को बर्वाद करने जैसा बड़ा पाप है। वर्षों तक मुकदमा ट्रायल के पश्चात आरोप मुक्त होने के बावजूद कर्मचारी पर लगा कलंक / सामाजिक प्रतिष्ठा एवं आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना तथा विभाग की धूमिल हुई छवि की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाती है। गोंडा जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी ने कहा  कि एण्टी करप्शन / विजिलेन्स ट्रैप की कार्यवाही के पूर्व प्री ट्रैप जांच में यह अवश्य जांच कर ली जाए।कि उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में लेखपाल / कर्मचारी के विरूद्ध रिश्वत मांगने की शिकायत प्रशासनिक स्तर पर की थी अथवा साजिशन फंसाने की नियत से प्रथम बार सीधे एण्टी करप्शन विभाग में ही शिकायत की गयी है। क्या उक्त कर्मचारी / लेखपाल के विरूद्ध पूर्व में भी अन्य कोई भ्रष्टाचार की शिकायत / कार्यवाही हुई है।जिनके आधार पर उसे भ्रष्ट प्रवृत्ति का कर्मचारी मानते हुए ट्रैप की कार्यवाही की जा रही है। शिकायत में उल्लिखित कार्य लेखपाल दायित्व से सम्बन्धित है अथवा उच्च अधिकारी / न्यायालय से सम्बन्धित है। यदि शिकायतकर्ता का कार्य लेखपाल दायित्वों से सम्बन्धित न होने के बावजूद शिकायतकर्ता लेखपाल से कार्य कराने का विधि विरूद्ध प्रयास करता है। तो रिश्वत देने के प्रयास में उसके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए। किसी दलाल / साजिशकर्ता के द्वारा पैसा/रिश्वत लेने के आधार पर लेखपाल / कर्मचारी को गिरफ्तार करने पर रोक लगायी जाए। पूर्व में भी प्रमुख सचिव गृह से मिलकर अनुरोध किया जा चुका है।किन्तु फर्जी / जबरन ट्रैप की घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है। ऐसे भययुक्त माहौल में ईमानदार कर्मचारी भी सही कार्य करने में डर रहा है। फर्जी / जबरन ट्रैपिंग की घटनाओं से लेखपाल आकोशित एवं आन्दोलित है। उप जिलाधिकारी,जिलाधिकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी से निवेदन है कि उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत एण्टी करप्शन / विजिलेन्स विभाग को विस्तृत दिशा निर्देश निर्गत करने की कृपा करें एवं जनपद लखनऊ में सम्बन्धित सर्तकता अधिष्ठान कर्मचारी एवं रिश्तेदार के अवैध कब्जे एवं अवैध प्लाटिंग की जांच करवाकर कठोर कार्यवाही करने की कृपा करें। जिससे लेखपालों की छवि धूमिल ना होने पाए और वह स्वतंत्र होकर कार्य कर सके।

 

 

 

 


अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे, अभियान के क्रम में थाना वजीरगंज व एसओजी/सर्विलास की संयुक्त टीमों द्वारा नामजद हत्याभियुक्त संदीप सिंह उर्फ सत्येन्द्र सिंह पुत्र स्व0 बद्री सिंह निवासी ग्राम चाचापुरवा दुर्जनपुरघाट थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा को चंदापुर की तरफ जाने वाली पक्की सड़क से गिरफ्तार कर उसकी निशादेही पर 01 अदद लोहे का हसिया बरामद किया,पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय गोण्डा किया रवाना
चाचा ने उजाड़ी भतीजी के मांग का सिंदूर, प्रेम विवाह करना पड़ा युवक को महंगा, पुरानी रंजिश खूनी वारदात में बदल गई। शनिवार देर रात 35 वर्षीय आजाद सिंह का शव सड़क किनारे मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, युवक के गले और पेट पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चार टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग समिति द्वारा गोनार्ध लॉन, गोण्डा में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातःकाल आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक डॉ. के.डी. तिवारी के निर्देशन में किया गया।
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